मालदीव राष्ट्रमंडल देशों के समूह से बृहस्पतिवार को हट गया। दरअसल, राष्ट्रमंडल समूह ने राजनीतिक अशांति को लेकर द्वीप देश को दंडित करने का फैसला किया था। समूह ने 2012 में तत्कालीन राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद को बेदखल करने की परीस्थितियों पर भी सवाल उठाये थे।
मालदीव के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर इसे मुश्किल भरा लेकिन अपरिहार्य फैसला बताया। पिछले महीने ही राष्ट्रमंडल मंत्रिमंडलीय कार्य समूह ने मालदीव को समूह से निलंबित करने की चेतावनी थी और साथ ही देश के राजनीतिक संकट को निपटाने में विफलता पर चिंता जाहिर की थी।
मालदीव के विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रमंडल देशों का समूह लोकतंत्र के नाम पर उनके देश को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना प्रभाव दिखाने के लिए इस्तेमाल कर रहा है। मालदीव ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नाशीद के इस्तीफे के बाद सत्ता का हस्तांतरण संविधान के मुताबिक किया गया। इसके बावजूद राष्ट्रमंडल समूह ने उनके देश को राजनीतिक संकट के लिए जिम्मेदार ठहरा रहा है। विदेश मंत्रालय ने आरोप लगाया है कि राष्ट्रमंडल समूह का उसके प्रति व्यवहार अन्यायपूर्ण और गलत है।