फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मालदीव में आपातकाल की घोषणा, पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम गिरफ्तार

Tue, 06 Feb 2018 08:14 AM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
मालदीव
विज्ञापन
मालदीव के राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने पूरे देश में 15 दिनों के आपातकाल की घोषणा कर दी है। इसी बीच सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस अली हमीद और न्यायिक प्रशासन विभाग के प्रशासक अब्दुल्ला सईद को गिरफ्तार कर लिया गया है। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति मौमून अब्दुल गयूम को भी हिरासत में ले लिया गया है। मौमून मालदीव के वर्तमान राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के सौतेले भाई हैं। उन्हें देश में आपातकाल लगाए जाने के बाद गिरफ्तार किया गया है।
विज्ञापन


कई दिन से राष्ट्रपति के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बाद देश में आपातकाल की यह घोषणा सोमवार शाम की गई। बता दें कि मालदीव की सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद यहां के लोग सड़कों पर आ गए थे।  वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने मालदीव में भारतीय प्रवासियों को सतर्क रहने को कहा है। मंत्रालय ने कहा कि सावधानी बरतें और सर्वजनिक समारोह में जाने से बचें।  

मालदीव में राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन की सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच टकराव बढ़ गया था। सुप्रीम कोर्ट ने जहां अपने आदेश पर अमल का पालन करने को कहा है, वहीं सरकार ने पुलिस और सेना को आदेश दिया है कि वे राष्ट्रपति की गिरफ्तारी या उन पर महाभियोग चलाने के आदेश को मानने से इनकार कर दें। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भारत समेत सभी लोकतांत्रिक देशों से देश में कानून का शासन बनाए रखने में मदद मांगी है। इसके बाद मालदीव में लोगों ने राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन का विरोध करना शुरू कर दिया था, सड़कों पर उतरकर भी लोगों ने राष्ट्रपति यामीन के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं मालदीव सेना को हाई अलर्ट कर दिया गया था।
विज्ञापन

 

 
Trending Videos

अब्दुल्ला यामीन
वहीं इसके फौरन बाद राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने कहा था कि उन्हें गुमनाम धमकियां मिल रही हैं जिसकी वजह से वह जज अली हमीद और न्यायिक प्रशासक हसन सईद के साथ अदालत में रात बिताएंगे। वहीं सशस्त्र बल और पुलिस सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा में तैनात है।    

यह छोटा सा पर्यटक द्वीपसमूह उस वक्त सियासी संकट में घिर गया जब सुप्रीम कोर्ट ने यामीन सरकार के खिलाफ टिप्पणी की। असंतुष्टों के खिलाफ यामीन की कार्रवाई ने छुट्टियों के लिए स्वर्ग कहे जाने वाले इस देश की छवि को खासा नुकसान पहुंचाया है।
विज्ञापन

Maldives Army on High Alert
बृहस्पतिवार को न्यायाधीशों ने अधिकारियों को नौ राजनीतिक असंतुष्टों की रिहाई और उन 12 विधायकों की फिर से बहाली का आदेश दिया था जिन्हें यामीन की पार्टी से अलग होने के बाद बर्खास्त कर दिया गया था। अदालत ने कहा कि यह मामले राजनीति से प्रेरित थे। 

यामीन सरकर ने अदालत के इस फैसले को मानने से इनकार कर दिया था। उसने संसद की कार्रवाई रोक दी है और अदालती आदेश के अनुपालन के अंतरराष्ट्रीय आह्वान को भी खारिज कर दिया है। 

रविवार को राष्ट्रीय टेलीविजन पर दिए गए अपने संदेश में अटॉर्नी जनरल मोहम्मद अनिल ने कहा था कि सरकार इसे नहीं मानती। अनिल ने कहा, ‘राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने का सुप्रीम कोर्ट का कोई भी फैसला असंवैधानिक और अवैध है। इसलिए मैंने पुलिस और सेना से कहा है कि किसी भी असंवैधानिक आदेश का अनुपालन न करें।’
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें