चीन की अरबों डॉलर की बीआरआई परियोजना के चंगुल में फंसकर कर्ज के तले दबने वाले देशों में से एक मलयेशिया अब इससे छुटकारा पाना चाहता है। मलयेशिया के प्रधानमंत्री चीन के साथ हुए अरबों डॉलर के इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के सौदे को रद्द कर सकते हैं। यह समझौता पूर्व प्रधानमंत्री ने किया था।
प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद पहली बार चीन रवाना होने से पहले महातिर ने एक साक्षात्कार दिया। उन्होंने कहा कि वह चीन के साथ अच्छे रिश्ते बनाए रखना चाहते हैं और उसके निवेश का भी स्वागत करते हैं। हालांकि ऐसा वह तभी तक करेंगे जब तक कि चीन की परियोजनाओं से मलयेशिया को लाभ मिलता रहेगा। उन्होंने चीन समर्थित ऊर्जा पाइपलाइनों, एक रेल परियोजना और मलयेशियाई प्रायद्वीप के पूर्वी तट को लेकर सख्त रुख अपनाया है।
इन परियोजनाओं को उनके पूर्ववर्ती नजीब रज्जाक ने मंजूरी दी थी। नजीब फिलहाल 1एमबीडी स्टेट इन्वेस्टमेंट फंड के अरबों डालर के घोटाले से संबंधित कई मामलों में मुकदमे का सामना कर रहे हैं।महातिर ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि हमें उन दोनों परियोजनाओं की जरूरत है। यदि संभव होगा तो हम उन्हें रद्द कर देंगे। इस दौरान रोहिंग्याओं पर हो रहे अत्याचार के लिए उन्होंने म्यांमार के बर्ताव को अन्यायपूर्ण बताया।