अगर हम भारत को जाकिर नाइक का प्रत्यर्पण करते हैं तो हमें चीन को उइघुर मुस्लिमों का प्रत्यर्पण करना पड़ सकता है। यह कहते हुए मलेशियाई सत्ताधारी पार्टी ने प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के फैसले का बचाव किया है। इस बीच जाकिर के प्रत्यर्पण से इनकार के बाद महातिर ने शनिवार को उससे मुलाकात की।
प्रत्यर्पण से इनकार के बाद जाकिर नाइक से मिले मलेशियाई पीएम
मलेशियाई सत्ताधारी ‘पार्टी प्रिबुमी बरसातु मलेशिया’ (पीपीबीएम) के रणनीतिकार रइस हुसैन ने कहा कि मलयेशिया में गैर कानूनी तौर पर घुसे 11 लोगों के प्रत्यर्पण के लिए चीन लगातार दबाव बना रहा है जो कि पिछले साल थाइलैंड की जेल से फिल्मी अंदाज में बचकर भागे थे। हालांकि उन्होंने जाकिर का बचाव करते हुए यह भी कहा कि व्यक्तिगत तौर पर उन्हें नाइक की गतिविधियों और भाषणों में कुछ गलत नहीं लगा।
शुक्रवार को जाकिर का प्रत्यर्पण करने से इनकार कर चुके महातिर ने कट्टरपंथी इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक से शनिवार को मुलाकात भी की। एक स्थानीय मीडिया रिपोर्ट में इसकी जानकारी दी गई। हालांकि मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि महातिर के सत्ता में आने के बाद हुई दोनों की पहली मुलाकात में क्या बात हुई, यह साफ नहीं हो सका। यह बहुत ही छोटी मुलाकात थी।