संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा ने अपनी मांगों को लेकर अब आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया है। मधेसी मोर्चा ने कहा है कि यदि उसकी पांच सूत्री मांगों को सात दिन के भीतर पूरा नहीं किया गया तो सरकार से समर्थन वापस ले लिया जाएगा।
संयुक्त लोकतांत्रिक मधेसी मोर्चा की मंगलवार को प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के साथ उनके आवास पर एक बैठक हुई थी। इसमें मोर्चा द्वारा सरकार के समक्ष पांच सूत्री मांग पत्र को रखा गया था। मोर्चा के नेताओं ने इस पत्र के जरिए मांग की है कि स्थानीय निकाय चुनाव की घोषणा को सरकार वापस ले और संविधान संशोधन बिल पर संसद में चर्चा कराई जाए।
सरकार को दिए गए पत्र के बारे में मोर्चा के घटक दल सद्भावना पार्टी के अध्यक्ष राजेंद्र महतो ने बताया कि सप्तरी में हुई पुलिस फायरिंग की जांच के लिए उच्चस्तरीय आयोग के गठन की भी मांग की गई है। सरकार से कहा गया है कि इस गोलीकांड में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा दिया जाए और स्थानीय निकाय की संरचना को प्रदेश के क्षेत्राधिकार में रखा जाए।
बीते रविवार को सीमावर्ती सप्तरी जिले में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने कथित तौर पर फायरिंग कर दी थी, जिसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। मोर्चा से जुड़े सात दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री प्रचंड को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो सात दिन के बाद सरकार को जारी समर्थन स्वत: वापस मान लिया जाएगा।