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12 साल बाद हटा कर्फ्यू, जश्न में डूबे लोग

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इराक की राजधानी बगदाद में एक दशक से भी अधिक समय से चला आ रहा कर्फ्यू अब खत्म हो गया है।ये कर्फ्यू 12 साल बाद खत्म हुआ है। लोग जश्न मना रहे हैं। सोशल मीडिया पर नाचते-गाते लोगों की तस्वीरें धूम मचा रही हैं।
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बगदाद में साल 2003 में कर्फ्यू लगाया गया था। इसका मकसद 2003 में अमेरिका के नेतृत्व में हुए हमलों के हिंसक परिणामों से आम लोगों की सुरक्षा करना था। प्रधानमंत्री हैदर अल अबादी ने कहा है कि उनका यह फैसला बगदाद के लोगों के जीवन को सामान्य बनाने की कोशिश है। लेकिन शनिवार को ही बगदाद के रेस्टोरेंट और सिटी सेंटर में हुए तीन अलग-अलग बम धमाकों में 32 लोगों की जानें गईं।

रोजमर्रा के जीवन का सच

समाचार एजेंसी एएफपी ने प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी के हवाले से कहा है कि देश में युद्ध की स्थिति बरक़रार रहने के बावजूद कर्फ्यू हटाने का फैसला लिया गया है।

बमबारी और विस्फोट बगदाद की रोजमर्रा की ज‌िंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। हालांकि अब कर्फ्यू खत्म होने के बाद सरकार को इस्लामिक स्टेट (आईएस) की चेतावनी से भी निपटना होगा।आईएस ने धमकी दी है कि वह शहर से सटे इलाकों के बड़े हिस्से पर कब्जा करेगा।
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खोए हुए इलाकों पर पा लिया अधिकार

जिहादियों की गतिविधि पर नजर रखने वाली संस्था 'साइट इंटेलिजेंस ग्रुप' के अनुसार शनिवार को हुए बम धमाकों में चरमपंथी संगठन आईएस का हाथ है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने गृह मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से बताया है कि शनिवार को जो हमला हुआ उसका सरकार के कर्फ्यू खत्म करने के फैसले से कोई संबंध नहीं है।

पिछले साल इराक और सीरिया में आईएस के बढ़ते कदम को देखते हुए ये आशंका जताई जा रही थी कि उसके लड़ाके बगदाद पर भी हमला कर सकते हैं। मगर बाद में आईएस के ख‌िलाफ पश्चिम के हस्तक्षेप के कारण सरकार ने अपने कुछ खोए हुए इलाकों पर फिर से अधिकार पा लिया।

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