एलेन ज़ेमैन आज हांगकांग के जाने माने उद्योगपति हैं, लेकिन इस कारोबार उन्होंने दिलचस्पी अपनी निजी जिंदगी में एक त्रासदी से गुजरने के बाद ही लेनी शुरू की थी।
ज़ैमैन बताते हैं, “मैं आठ साल का था, जब मेरे पिता का देहांत हो गया था। मुझे उनके बारे में कुछ भी याद नहीं है।”
उस वक्त ज़ेमैन कनाडा में अपनी माँ और बड़ी बहन के साथ रहते थे। पिता की मौत ने उन्हें कम उम्र में ही आत्मनिर्भर बनने को मजबूर कर दिया था।
ज़ेमैन कहते हैं, “मुझे लगता है कि हर आदमी अपनी परिस्थितियों की उपज होता है।”
ख़ुद में यकीन रखने वाले ज़ेमैन मानते हैं कि कंपनी के कर्मचारियों को बेहतर तरीके से सिखाने के लिए अच्छी मिसालें क़ायम करना जरूरी हैं। इसलिए उन्होंने अपनी कंपनी में ऐसा ही माहौल तैयार किया हैं।
ज़ेमैन ने 10 वर्ष की उम्र में अखबार बेचने शुरू कर दिए थे। अपनी आमदनी को बढ़ाने के लिए वो साप्तहांत में वेटर के रूप में काम करते थे। वो कुम मिलाकर अपने स्कूल टीचर की तनख्वाह से भी तीन गुना ज्यादा कमा लेते थे।
ज़ेमैन कहते हैं, “मैं तो इस सोच के साथ ही बड़ा हुआ हूँ कि अगर मैं काम नहीं करूँगा तो मुझे खाना ही नहीं मिलेगा।”
अच्छा बॉस, अच्छी कंपनी
ज़ेमैन 19 साल की उम्र में 10 दख कनाडाई डॉलर के मालिक बन गए थे। उन्होंने हांगकांग से महिलाओं के स्वेटशर्ट लाकर कनाडा में बेचना शुरू किया था। कुछ समय बाद वो हांगकांग चले गए थे।
ज़ेमैन ने हांगकांग में लान क्वाई फांग ग्रुप की स्थापना की। उनके इस ग्रुप में शहर की नाइटलाइफ़ में भी चार चाँद लगा दिए थे।
2003 में सरकार ने ज़ेमैन को सरकारी ओसियन पार्क थीम रिज़ॉर्ट का चेयरमैन नियुक्त कर दिया। यहीं से ज़ेमैन की किस्मत ने करवट ली।
ज़ेमैन कहते हैं कि किसी भी कंपनी का माहौल उसके शीर्ष अधिकारियों से तय होता है इसलिए जरूरी है कि बॉस लोग अपने कर्मचारियों के सामने बढ़िया मिसाल पेश करें।
“आमतौर पर यही होता है कि अगर बॉस अच्छा है तो कंपनी अच्छी है, अगर बॉस बुरा है तो कंपनी बुरी होती है।”
एनर्जी सप्लॉयर कंपनी एग्रीको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रुपर्ट सोआमेस भी ज़ेमैन से सहमति जताते हैं। रुपर्ट कहते हैं, “लोग सुनकर नहीं, देखकर ज़्यादा सीखते हैं।”
रुपर्ट ऐसे बॉस को सही नहीं मानते जो कहते रहते हैं कि सब कुछ ठीक चल रहा है लेकिन दूसरी तरफ वो लोगों की छंटनी कर रहे होते हैं। इससे कंपनी का माहौल ख़राब होता है।
रुपर्ट कहते हैं, “आपकी कथनी और करनी में फर्क नहीं होना चाहिए। कंपनी में हर किसी को अपने साथियों के लिए बेहतर मिसाल पेश करना चाहिए। कंपनी के कर्मचारी मैनेजमेंट के प्रॉपगैंडा से ज्यादा ध्यान अपने बॉस और सहकर्मियों के व्यवहार पर देते हैं।”
ज्यादा जिम्मेदारी, बेहतर परिणाम
होल फूड्स के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी वाल्टर रॉब एक कदम आगे बढ़कर कहते हैं कि ऑफिस में बेहतर माहौल तैयार करने के लिए जरूरी है कि आप अपने कर्मचारियों को ज्यादा जिम्मेदारी दें।
वाल्टर इस बात से सहमति जताते हैं कि बॉस को अपने नीचे के लोगों के सामने बेहतर उदाहरण पेश करना चाहिए क्योंकि बॉस के लिए गए फैसले ही कंपनी का माहौल तय करते हैं।
“जब लीडर दूसरों को अधिकार देता है तो वह दूसरों के विकास के लिए जगह बनाता है।”
“मुझे लगता है कि लीडर के रूप में हमारा मुख्य काम होता है कि कंपनी का विस्तार होता रहे और कंपनी के अंदर का माहौल खुशनुमा और जिंदादिल बना रहे।”
बॉस हो सबके लिए उपलब्ध
ज़ेमैन मानते हैं कि किसी कंपनी का माहौल एक परिवार की तरह होता है। अगर ऐसा नहीं होता तो ऑफिस के काम के मशीनी हो जाने का ख़तरा रहता है। इसलिए यह जरूरी है कि कर्मचारियों आसानी से बॉस तक अपनी बात पहुँचा सकें और अपनी शिकायतें रख सकें।
ज़ेमैन मानते हैं कि उनके कर्मचारियों को बॉस से ऐसी “उम्मीद” करना जरूरी है।
ज़ेमैन कहते हैं, “एक बार आप ऐसा माहौल बना देते हैं तो लोग खुद ही मिलजुलकर काम करते हैं और खुद ही सोचते हैं कि वो किस तरह कंपनी के ज्यादा बेहतर साबित हो सकते हैं।”
चीन में सबसे अधिक लोकप्रिय सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ‘रेनरेन’ की मुख्य कार्यकारी अधिकारी जो छेन भी ज़ेमैन से सहमत हैं। ‘रेनरेन’ पर कुल 17 करोड़ एक्टिव यूजर्स हैं।
छेन कहते हैं कि ‘रेनरेन’ सही कॉरपोरेट कल्चर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करता है। हम अपने कर्मचारियों को खुला माहौल देते हैं।
"हम अपनी कंपनी में कोशिश करते हैं कि बॉस तक कर्मचारियों की पहुँच आसान हो और हम इसीलिए किसी भी कर्मचारी को उसके आधिकारिक पदनाम से नहीं बुलाया जाता।"
छेन बताते हैं कि परंपरागत भारी-भरकम चीनी नाम के बजाय उनके कर्मचारी उन्हें ‘जो’ ही कहते हैं।
छेन कहते हैं कि अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इस भारी-भरकम तरीके से बुलाने से आपकी क्रिएटिविटी आधी तो ऐसे ही खत्म हो जाती है। इसलिए इन सब से हम दूर रहते हैं।
काम से करें प्यार
ज़ेमैन को पूरा विश्वास है कि अगर लोगों को अपने काम पर गर्व है तो आप ज्यादा कड़ी मेहनत करते हैं और ज्यादा बेहतर परिणाम प्राप्त करते हैं।
ज़ेमैन कहते हैं, “अगर कोई केवल चाय भी देता है तो उसे इसे खास अंदाज से देने दीजिए। मैं अपने कर्मचारियों से कहता हूँ कि अगर आप इस कंपनी से प्यार नहीं करते, अगर आप अपने काम से प्यार नहीं करते तो आपको यहाँ नहीं रहना चाहिए।”
एक बार फिर अपनी बात पर जोर देते हुए ज़ेमैन कहते हैं, “बॉस को खुद सबके लिए उदाहरण बनना चाहिए।”
नासटैरेन टेवाकोली-फार/बीबीसी वर्ल्ड