पाकिस्तान में ऐसे विधेयक के मसौदे पर बहस जारी है जिसमें पति को पत्नी को हल्की पिटाई करने की इजाज़त होगी। महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित मॉडल कानून बनाने के इस मसौदा विधेयक को काउंसिल ऑफ इस्लामिक आइडियोलॉजी (सीआईआई) में रखा गया है।
इस विधेयक में स्कूलों अस्पतालों और कार्यालयों में मर्द और औरतों के बीच मेलजोल पर पाबंदी जैसे प्रस्ताव भी शामिल है। सीआईआई एक संवैधानिक निकाय है जो इस्लामिक कानूनों से जुड़े हुए मुद्दों पर संसद को अपने सुझाव देता है। लेकिन संसद इन्हें मानने को बाध्य नहीं है।
हालांकि ट्विटर पर इसकी खूब आलोचना हो रही है। ट्विटर यूजर इस मसौदे को मूर्खतापूर्ण बता रहे है और इसे महिलाओं के खिलाफ हिंसा बढाने वाला बता रहे है। सोशल मीडिया पर काउंसिल को भंग करने की मांग तेज हो गई है।
काउंसिल में विधेयक के 163 बिंदुओं पर गुरुवार से बहस शुरू हो गई है
Islamic women
- फोटो : BBC
सीआईआई के मसौदा विधेयक में कहा गया है कि महिलाओं को वो सारे हक मिलेंगे जो शरिया में उन्हें दिए गए है। हालांकि इसमें कला के नाम पर नृत्य संगीत, और मूर्तियां बनाने पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की गई है।
इस साल की शुरुआत में पंजाब असेंबली ने एक महिला सुरक्षा विधेयक पास किया था। जिसे सीआईआई और धार्मिक पार्टियों ने कड़ा विरोध जताते हुए खारिज कर दिया था। और इसे गैर इस्लामिक करार दिया था। खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने ऐसा ही एक विधेयक काउंसिल के विचार के लिए भेजा था।
जिसे सीआईआई ने ग़ैर इस्लामिक करार देते हुए खारिज कर दिया था। और घोषणा की थी कि वो इसकी जगह एक मॉडल विधेयक तैयार करेगा। काउंसिल में विधेयक के 163 बिंदुओं पर गुरुवार से बहस शुरू हो गई है।
जो शुक्रवार तक चलेगी। इस विधेयक की प्रतियां सभी प्रांतीय असेंबलियों को भेज दी गई है। इन बिंदुओं में संपत्ति, शादी, मां बनना, अपराध और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचार पर भी सुझाव दिए गए है।