तिब्बत की राजधानी लहासा के नज़दीक हुए भूस्खलन में 83 खदान मज़दूर दब गए हैं।
चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार एक हज़ार से ज़्यादा आपातकालीन कार्यकर्ताओं को 4600 मीटर या 1500 फीट की ऊंचाई पर स्थित दुर्घटनास्थल पर भेजा गया है।
भूस्खलन में एक बड़ा इलाका दब गया, जिसमें मज़दूरों की झुग्गियां भी शामिल थीं।
दुर्घटनाग्रस्त हुई खान राज्य सरकार के स्वामित्व वाली चाइना नेशनल गोल्ड ग्रुप की एक सहायक कंपनी के पास थी। ये ग्रुप चीन का सबसे बड़ा स्वर्ण उत्पादक है।
चीनी अधिकारियों का मानना है कि तिब्बत के पठार में संसाधनों की भरमार है और यहां तांबा, सीसा, जस्ता और लौह अयस्क के लाखों टन के भंडार हैं।
सरकारी मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार दो मज़दूर तिब्बती और बाकी हान समुदाय के थे।
इनमें से ज्यादातर युन्नान, गिझोउ और सिचुआन प्रांतों के प्रवासी मज़दूर थे।
शिन्हुआ न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक मैझोकुनगर क्षेत्र में स्थित मज़दूरों का कैंप भारी मात्रा में आए मलबे में दफ़न हो गया।
पुलिस के अनुसार चार वर्ग किलोमीटर तक का इलाका ढह चुका है।
स्थानीय अस्पतालों को घायलों के आने की संभावना को लेकर तैयार रहने को कहा गया है।