69 सालों में ऐसा पहली बार हो रहा है कि साहित्य नोबेल पुरस्कार नहीं दिया जाएगा। इसके पीछे वजह एक ज्यूरी मेंबर के आरोपों में घिर जाना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक एक ज्यूरी मेंबर के पति पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगा है।
हालांकि, सच सामने आने पर ज्यूरी मेंबर को पद से हटा दिया गया है, लेकिन इसका नुकसान पुस्कार प्रक्रिया को भी पड़ रहा है।
दरअलस, कवयित्री फ्रोस्टेनसन स्वीडिश एकेडमी की ज्यूरी मेंबर थी और आरोप है कि उन्के पद का फायदा उठाकर उनके पति जीन क्लाउड अरनॉल्ट ने महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया। पति अरनॉल्ट पर मी-टू कैंपेन के दौरान 18 महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया और बताया जा रहा है कि वे जांच प्रक्रिया का भी सामना कर रहे हैं।