विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की ओर से चीन-पाकिस्तान इकनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को लेकर चिंता जाए जाने के बाद चीनी मीडिया ने प्रतिक्रिया दी है।
चीन के सरकारी मीडिया ने लिखा है कि भारत के विरोध से CPEC प्रोजेक्ट को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है। आइए जानते हैं क्या है CPEC और यह क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
CPEC प्रोजेक्ट के तहत इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी प्रोजेक्ट का काम चल रहा है। इनकी लागत 46 अरब डॉलर है।
CPEC के तहत चीन के पश्चिमी और पाकिस्तान के दक्षिणी इलाके को जोड़ा जाएगा।
2015 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत 3,000 किमी सड़कें और रेल नेटवर्क के साथ पाइपलाइन बिछाने का भी कार्य किया जाना है।