खालिस्तान आंदोलन के नेता जगजीत सिंह चौहान ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या की भविष्यवाणी पहले ही कर दी थी। इसका खुलासा ब्रिटिश सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को जारी नए दस्तावेज में हुआ है। मालूम हो कि अक्तूबर 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी। ब्रिटिश अधिकारियों ने जगजीत सिंह चौहान को खालिस्तान सिख गणराज्य का स्वयंभू राष्ट्रपति बताया है।
उन्होंने बताया कि डॉ जगजीत सिंह उन संदिग्धों में शामिल थे, जिन पर कार्रवाई करने के लिए तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री मारग्रेट थैचर के नेतृत्व वाली सरकार विचार कर रही थी। उन्होंने बताया कि जगजीत सिंह की ओर से ब्रिटेन में दिए गए बयान को लेकर भारतीय अधिकारियों ने बार-बार शिकायत की थी।
ब्रिटेन के विदेश एवं गृह विभाग के अधिकारियों की ओर से 1984 में तैयार दस्तावेज के मुताबिक जगजीत सिंह चौहान ने जून में ही इंदिरा गांधी की हत्या की भविष्यवाणी कर दी थी। इसके बाद राजीव गांधी को निशाना बनाए जाने की बात कही।
ब्रिटेन में जगजीत सिंह के बयान को लेकर भारत सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई थी। भारत ने चेतावनी दी कि ब्रिटेन में चौहान की मौजूदगी से द्विपक्षीय रिश्ते प्रभावित हो सकते हैं। इन दस्तावेज में तत्कालीन जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के नेता हाशिम कुरैशी के बर्मिंघम में भारतीय राजनयिक रविंद्रन म्हात्रे की हत्या में शामिल होने को लेकर भी भारत सरकार की चिंताओं को दर्शाया गया है।