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Ukraine War: लैटिन अमेरिका से क्यों शुरू हुआ सूरजमुखी के तेल का आयात? जयशंकर ने युगांडा में सुनाई पूरी कहानी

Wed, 12 Apr 2023 07:26 PM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला

सार

भारत सालाना 25 लाख टन सूरजमुखी तेल आयात करता है। इसमें से 70 फीसदी तेल यूक्रेन से आता है। जबकि 20 फीसदी रूस से और 10 फीसदी तेल अर्जेंटीना से आता है।

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विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारतीय विदेश मंत्री इन दिनों युगांडा के दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने एक किस्सा साझा किया, कि कैसे भारत और लैटिन अमेरिका के बीच सूरजमुखी के तेल का आयात शुरू हुआ। राजधानी कंपाला में एक संबोधन के दौरान कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण भारत को सूरजमुखी के तेल के लिए अन्य विकल्प मिल गए हैं। जयशंकर का कहना है कि युद्ध के कारण भारत लैटिन अमेरिकी देशों तक पहुंचने के लिए प्रेरित हुआ।

पढ़िए, क्या बोले विदेश मंत्री

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युगांडा की राजधानी कंपाला में मंगलवार को एस जयशंकर ने एक कारोबारी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कि भारत सूरजमुखी के तेल का बड़ा आयातक है। हम पहले पूरी तरह से यूक्रेन पर निर्भर थे। पिछले साल यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध शुरू हो गया। तेल का आयात बाधित हुआ। भारत सालाना 25 लाख टन सूरजमुखी तेल आयात करता है। इसमें से 70 फीसदी तेल यूक्रेन से आता है। जबकि 20 फीसदी रूस से और 10 फीसदी तेल अर्जेंटीना से आता है।

140.3 लाख टन तेल आयात
युद्ध के कारण सभी को तेल की कीमतों के कारण झटका लगा। लेकिन एक समस्या ऐसी थी, जो किसी को दिखी नहीं, लेकिन भारत के लिए समस्या भरी थी, जो भारत में खाद्य तेल की कमी थी। हम पर दबाव था कि हम अब कोई विकल्प तलाश रहे थे। इस दौरान हम अपने या एशियन देशों के स्रोतों से काफी आगे चले गए। हमारी खोज लैटिन अमेरिका आकर पूरी हुई। लैटिन अमेरिका के साथ भारत के व्यापार में बड़ी वृद्धि भी हुई। उद्योग निकाय सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2021-22 के अंत में भारत का खाद्य तेलों का आयात पिछले साल के 131.3 लाख टन से बढ़कर 140.3 लाख टन हो गया है।

 

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