जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे ने बृहस्पतिवार को आधिकारिक तौर पर संसद भंग कर दी और राष्ट्रीय चुनाव अभियान का बिगुल फूंका। चुनाव में वह टोक्यो की पहली महिला गवर्नर युरिको कोइकी से अप्रत्याशित और मुश्किल चुनौती का सामना कर रहे हैं।
हालांकि निचले सदन में विपक्षी सांसदों ने पीएम के इस फैसले के लिए बुलाए गए सत्र का बहिष्कार किया। उनका कहना था कि उत्तर कोरिया के साथ तनाव के बीच मध्यावधि चुनाव का फैसला करके अबे राजनीतिक शून्य पैदा कर रहे हैं। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में 22 अक्टूबर को चुनाव होने की संभावना है।
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अबे ने कहा, ‘आज से एक कठिन लड़ाई की शुरुआत। यह चुनाव इस बारे में है कि कैसे लोगों की जान बचाई जाए। हमें अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ सहयोग करना है क्योंकि हम उत्तर कोरिया से खतरे का सामना कर रहे हैं। हमें अपने बच्चों के भविष्य के लिए लड़ने की जरूरत है।’
अबे को टोक्यो की गवर्नर यूरिको कोइकी की नई पार्टी से बढ़ती चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। यूरिको की पार्टी ‘ऑफ होप’ का गठन हाल ही में हुआ है। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में कोइकी अबे पर दबाव बनाते हुए दिख रही हैं।
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हालांकि एक हफ्ते पहले अबे के पास चुनाव में 30 अंकों से ज्यादा की बढ़त थी लेकिन अब यह अंतर कम होता दिखाई दे रहा है। गौरतलब है कि अबे ने सोमवार को अचानक मध्यावधि चुनाव की बात कहकर सभी को हैरान कर दिया था।