जापान में जुलाई महीने का तापमान करीब 40 डिग्री तक पहुंच जाने के कारण चली जबरदस्त हीट वेव से अब तक करीब 26 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें से 11 बुजुर्ग अकेले शनिवार को ही मौत का शिकार हो गए। इसके अलावा 12 हजार से ज्यादा लोगों को जुलाई माह के पहले दो सप्ताह में ही भयंकर गर्मी से झुलसने के कारण अस्पतालों में भर्ती कराना पड़ा है। मौसम विभाग ने अधिकतर क्षेत्रों में तापमान और बदतर स्थिति में पहुंचने की चेतावनी जारी की है।
जापान के आग व आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि 15 जुलाई को खत्म हुए दूसरे सप्ताह में 12 लोगों की मौत हीटस्ट्रोक के कारण हुई, जबकि उससे पहले सप्ताह में 3 लोगों की मौत हो गई थी।
क्योडो न्यूज एजेंसी ने बताया कि अकेले शनिवार को 11 बुजुर्ग हीटस्ट्रोक की चपेट में आ गए और उनकी मौत हो गई। मौसम विभाग का कहना है कि मौसम में सुधार के कोई संकेत अभी नहीं मिल रहे हैं।
बच्चे की मौत के बाद स्कूलों को निर्देश जारी
पिछले सप्ताह स्कूल जाते समय हीटस्ट्रोक के कारण 6 साल के एक बच्चे की मौत के बाद शिक्षा मंत्रालय भी सक्रिय हुआ है। मंत्रालय ने मौसम में सुधार होने तक स्कूलों को आउटडोर गतिविधियां बंद करने के निर्देश दिए हैं।
रिकॉर्ड तोड़ हुआ तापमान
233 निगरानी केंद्र बनाए गए हैं देश में तापमान पर नजर रखने के लिए
35 डिग्री से ज्यादा का अधिकतम तापमान रविवार को अधिकतर केंद्रों ने दर्ज किया
39.8 डिग्री के रिकॉर्ड तापमान को दर्ज किया गया दोपहर बाद गुजो सिटी के मध्य में
37 डिग्री तक तापमान पहुंच गया था टोक्यो के कुछ हिस्सों में दोपहर के दौरान
ऐसा भयानक असर है गर्मी का
2700 लोग जुलाई के पहले सप्ताह में हीटस्ट्रोक से अस्पताल पहुंचे
9900 से ज्यादा लोगों को दूसरे सप्ताह में अस्पताल लाया गया
3091 एंबुलेंस लगानी पड़ी अकेले टोक्यो में शनिवार को
01 नंबर पर है ये आंकड़ा किसी एक दिन में एंबुलेंस की नियुक्ति का