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इस्तांबुल हमले में पूर्व राज्यसभा सांसद के बेटे की मौत

Mon, 02 Jan 2017 05:25 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली/ मुंबई 
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तुर्की नाइटक्लब में हुए आतंकी हमले में मारे गए 39 लोगों में दो भारतीय भी थे। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्वीट के जरिये इसकी पुष्टि करते हुए बताया, ‘तुर्की से हमारे लिए दुखद खबर है। इस्तांबुल हमले में हमारे दो नागरिक मारे गए हैं। भारतीय राजदूत इस्तांबुल के लिए रवाना हो गए हैं। मारे गए भारतीयों में राज्यसभा के पूर्व सांसद के बेटे अबीस रिजवी और गुजरात की खुशी शाह हैं।’
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विदेश मंत्री के ट्वीट से ही राज्यसभा के पूर्व सांसद अख्तर हसन रिजवी को आतंकी हमले में अपने बेटे की मौत का दुखद समाचार मिला। वह इस्तांबुल के लिए रवाना हो गए हैं। रिजवी के एक करीबी रिश्तेदार ने बताया कि पूर्व सांसद के दो बेटे थे। पांच साल पहले कैंसर से उनके बड़े बेटे की मौत हो गई थी और आज आतंकी हमले में दूसरा बेटा भी मारा गया।

विदेश मंत्री सुषमा ने बताया कि रिजवी बिल्डर्स के सीईओ अबीस रिजवी ने कई फिल्में भी बनाई थीं जिनमें 2014 में आई रोअर: द टाइगर्स ऑफ सुंदरबन भी एक है। तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी अनाडुलू ने वहां के परिवार कल्याण मंत्री फातमा बेतुल सायन काया के हवाले से जानकारी दी है कि आतंकी हमले में मारे गए विदेशी नागरिकों में सऊदी अरब, मोरक्को, लेबनान और लीबिया के भी नागरिक थे।
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हमलावरों ने सबसे बर्बर तरीके से निर्दोष लोगों को निशाना बनाया है

उधर, इस्तांबुल के गवर्नर वासिप साहिन ने बताया कि हमलावरों ने सबसे बर्बर तरीके से निर्दोष लोगों को निशाना बनाया है। एनटीवी टेलीविजन ने बताया कि कई लोग घबराहट में पानी में कूद गए। उन्हें निकालने का काम जारी है।

डोगान न्यूज एजेंसी ने कहा कि सैंटा क्लॉज की ड्रेस पहने दो बंदूक धारियों ने यह हमला किया। दोनों की पहचान अभी नहीं हो पाई है। टेलीविजन की तस्वीरों में बदहवास लोग नाइटक्लब से भागते देखे जा रहे थे।

साहिन ने बताया कि यह हमला स्थानीय समय के अनुसार 1.15 बजे पर शुरू हुआ। उन्होंने इसे आतंकवादी हमला करार दिया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हमलावर अरबी में बात कर रहे थे। हालांकि अब तक इस हमले की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है। इस हमले ने पेरिस में नवंबर 2015 में हुए उस हमले की याद दिला दी जिसमें 130 लोग मारे गए थे। 
 
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बीते साल तुर्की में कई आतंकवादी हमले हुए

ambulance
बीते साल तुर्की में कई आतंकवादी हमले हुए। 10 दिसंबर को एक फुटबॉल मैच के बाद हुए दो बम धमाकों में 44 लोग मारे गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन कुर्दिस्तान फ्रीडम फाल्कन्स ने ली थी।

इससे पहले जून में इस्तांबुल के अतातुर्क हवाई अड्डे पर हुए तिहरे आत्मघाती हमले तथा गोलीबारी में 47 लोग मारे गए थे। हाल ही में अंकारा में एक आर्ट गैलरी में रूस के राजदूत की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।

नाटो के महासचिव जनरल जेंस स्टोल्टेनबर्ग ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि इस्तांबुल में 2017 की बुरी शुरुआत हुई है। अमेरिका ने भी इस घटना की निंदा की है। राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमेरिका हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ अपने नाटो सहयोगी तुर्की के साथ खड़ा है।
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