इजरायल सरकार ने रविवार को पवित्र स्थल यरुशलम को दोबारा आम जनता के लिए खोल दिया। प्रशासन ने हाल में हुई हिंसा के बाद वहां आम लोगों के आने जाने पर रोक लगा दी थी। कई दशक में बाद ऐसा पहली बार हुआ है जब इजरायल ने ऐसा कोई कदम उठाया है। यरुशलम मुस्लिम और यहूदियों दोनों के लिए पवित्र स्थल है।
शुक्रवार को तीन अरब नागरिकों ने मंदिर में ओपन फायर किया, जिसमें दो पुलिसवालों की मौत हो गई। पुलिस द्वारा मार गिराए जाने तक तीनों लगातार फायरिंग करते रहे। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि शुक्रवार को पुलिसकर्मियों पर हुए हमले के बाद आज इस स्थल को एक बार फिर आम लोगों के लिए खोल दिया गया है।
इस बार इलाके की सुरक्षा और बढ़ा दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर यरुशलम में जाने के लिए मेटल डिटेक्टर लगा दिया है, जिससे कोई हथियार लेकर अंदर न जा सके। वहीं आस पास के इलाके में कैमरों की संख्या भी बढ़ा दी गई है, जिससे सुरक्षा में कोई चूक न हो सकती।
इजरायली सुरक्षा बल द्वारा नए सुरक्षा नियम लागू करने के बाद रविवार को श्रद्धालुओं की भीड़ लग गई। लोगों को पवित्र स्थल में प्रवेश को लेकर दिक्कत होने लगी जिसके बाद तनाव की स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस हमले के बाद इजरायली प्रधनमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और फिलिस्तीन की राष्ट्रपति महमूद अब्बास के बीच फोन पर बातचीत हुई। अब्बास ने हमले की निंदा की और पवित्र स्थल को फिर से खोलने का आग्रह किया।