इजरायल और हमास में बढ़ते तनाव के बीच मिस्र के प्रधानमंत्री हिशाम कांदिल गजा के दौरे पर पहुंचे हैं। इनके इस दौरे से पहले गुरुवार की रात इजरायल ने गजा में 130 ठिकानों को अपने हवाई हमलों में निशाना बनाया जबकि गजा से इजरायली क्षेत्र में 11 रॉकेट दागे गए।
हिशाम कांदिल तीन घंटे तक हमास नियंत्रित फलस्तीनी क्षेत्र गजा में रहेंगे और खबरों को अनुसार वो दोनों पक्षों के बीच संघर्षविराम के लिए प्रयास करेंगे।
इजरायली अधिकारी इस बात के लिए राजी हो गए हैं कि जब कांदिल गजा में रहेंगे, उस दौरान उनकी तरफ से किसी तरह के हमले नहीं होंगे।
बुधवार को इजरायल के हवाई हमलों में हमास की सैन्य शाखा के प्रमुख की मौत हो गई थी। इसके बाद दोनों पक्षों में तनाव एकदम बढ़ गया है।
बढ़ता तनाव
पिछले 24 घंटों में गजा में इजरायली हमलों में बच्चों समेत कम से कम 18 फलस्तीनी मारे गए हैं। वहीं दक्षिणी इजरायल में हमास के रॉकेट हमलों में तीन इजरायलियों की जानें गई हैं।
हमास ने कहा कि उसने हाल के दिनों में गजा से 350 से ज्यादा रॉकेट दागे हैं जिनमें से 130 को इजरायल के अनुसार उसके मिसाइल रक्षा सिस्टम आयरन डॉम ने नाकाम कर दिया।
दूसरी तरफ इजरायल ने अपने 30 हजार रिजर्व सैनिकों वाली सेना बुलाने को मंजूरी दे दी है जिसे हमास के खिलाफ जमीनी कार्रवाई की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि सरकार की तरफ से इस बारे में कोई संकेत नहीं मिले हैं।
खबरों में बताया गया है कि इजरायली सैनिकों को लेकर बसें और सैन्य साजोसामान से लदे ट्रक तटीय इलाके की तरफ जा रहे हैं।
इजरायली टीवी चैनलों का कहना है कि ये तैयारियां दिखाती हैं कि अतिक्रमण की योजना तैयार हो गई है, हालांकि सैन्य अफसरों का कहना है कि अभी कोई फैसला नहीं लिया गया है।
कूटनीतिक सरगर्मियां तेज
वहीं गजा में हमास के प्रधानमंत्री इस्माइल हानिए ने अपने क्षेत्र के खिलाफ इस्राइल के ‘क्रूर हमले’ की निंदा की है। मिस्र के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुर्सी ने भी गजा पर इजरायल की बमबारी की आलोचना की है। उनके मुताबकि इससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता प्रभावित होगी।
शुक्रवार को इस मुद्दे पर मिस्र की राजधानी काहिरा में अरब लीग के विदेश मंत्रियों की बैठक भी हो सकती है।
इस बीच अमरीका ने मिस्र, तुर्की और कुछ यूरोपीय देशों से आग्रह किया है कि वे हमास पर इजरायल के खिलाफ हमले न करने के लिए दबाव डालें।