इस्त्रायल के राष्ट्रपति रियूवेन रिवलिन एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ 15 नवंबर को छह दिन की यात्रा के लिए भारत आएंगे। उनकी यात्रा का उद्देश्य भारत के साथ सुरक्षा, शिक्षा, साइबर, ऊर्जा, जल और कृषि के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाना है। सूत्रों ने बताया कि रिवलिन अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन समेत कई लोगों से मिलेंगे। भारत के साथ 1992 में राजनयिक रिश्ते स्थापित होने के बाद भारत आने वाले रिवलिन दूसरे राष्ट्रपति होंगे।
इससे पहले लगभग 20 साल पहले इस्त्रायल के पूर्व राष्ट्रपति एजर वीजमान 1996-97 में भारत आये थे। रिवलीन 15 नवंबर से 20 नवंबर तक चलने वाली अपनी छह दिवसीय भारत यात्रा के दौरान कारोबारी नेताओं और शिक्षाविदों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। शीर्ष नेताओं के साथ उनकी बातचीत 15 नवंबर को होनी है।
पिछले साल राष्ट्रपति मुखर्जी की एतिहासिक इजरायल यात्रा के बाद भारत जाने में रिवलीन ने रुचि जाहिर की थी। उस समय उन्होंने कहा था, ‘दोनों देशों के बीच का सहयोग सर्वविदित है।’ अटकलें यह भी लगाई जा रही हैं कि रिवलिन की यात्रा से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यरुशलम जाने का रास्ता खुलेगा। माना जा रहा है कि अगले साल दोनों देशों के राजनयिक रिश्तों की स्थापना के 25 साल पूरा होने के मौके पर प्रधानमंत्री यरुशलम जा सकते हैं। ऐसा होता है तो वह इस्त्रायल जाने वाले पहले प्रधानमंत्री होंगे।