नए संविधान को लेकर नेपाल में बढती हिंसा पर भारत ने चिंता जताई है। भारत की इस चिंता पर नेपाली मीडिया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है। नेपाल के तराई के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जारी प्रदर्शन में अब तक 46 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
भारत सरकार ने सोमवार को नेपाल में अपने राजदूत को दिल्ली बुलाकर विचार-विमर्श किया। नेपाल के प्रमुख अखबार इस पर नाराजगी जताते हुए इसे भारतीय हस्तक्षेप के उदाहरण के रूप में देख रहे हैं। अखबार कांतीपुर लिखता है, ''निश्चित रूप से संविधान लिखते समय हमारे देश में गंभीर समस्याएं खडी हो गई हैं। हमें इन समस्याओं का समाधान करना होगा।'
'अखबार कहता है, ''इस परिदृश्य में एक पडोसी देश का आना या उसे हमारी आंतरिक समस्याओं और चुनौतियों के समाधान के लिए आमंत्रित करना स्वीकार्य नहीं है। ''अंग्रेजी के अखबार 'दी काठमांडू पोस्ट' ने अपनी संपादकीय में लिखा है, ''दिल्ली के लिए यही अच्छा होगी कि वह अपने उद्देश्यों को पूरा करने के लिए किसी सीमा रेखा को पार करता हुआ ना दिखे।
#backofindia कर रहा था ट्रेंड
हो सकता है उसके लिए यह मुश्किल हो कि वह कुछ राजनीतिक दलों के साथ अपने
राजनयिक संबंध और एक ध्रुवीकृत समाज के कुछ तबकों का समर्थन खो दे।
''अंग्रेजी के ही एक अन्य अखबार 'ला रिपब्लिका' में छपी एक खबर के मुताबिक
नेपाल के पूर्व राजनयिक भारत की इस प्रतिक्रिया को अनुचित मानते हैं।
अमरीका में नेपाल के पूर्व राजदूत शंकर शर्मा के हवाले से अखबार ने लिखा
है, ''अगर भारत खुद को अपने पडोसी देशों को नियंत्रित करने में लगा देता है
तो इस तरह के कदम से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में गलत संदेश जाएगा। ''अखबार
'दी राइजिंग नेपाल' कहता है, ''भारत ने अभी तक नए संविधान का समर्थन नहीं
किया है, जो कि तराई में अशांति बढने के रूप में परेशानियों को आमंत्रित
करेगा।
''नेपाल के बहुत से लोग सोशल मीडिया पर भी प्रतिक्रिया जता रहे हैं।
ट्विटर पर 22 सितंबर को बहुत देर तक हैशटैग #बैकऑफइंडिया ट्रेंड कर रहा
था। इस हैशटैग के साथ 1 लाख 80 हजार से अधिक ट्वीट किए गए। तराई में जारी
हिंसा की वजह से राजधानी काठमांडू और दूसरे प्रमुख शहरों में ईंधन की
आपूर्ति प्रभावित हुई है।
फिर हमें धमकी दी?
नेपाल ईंधन के लिए भारत पर निर्भर है। बहुत से ट्रक ऑपरेटर प्रदर्शनकारियों और पुलिस में हो रही हिंसक झडपों की वजह से नेपाल जाने से डर रहे हैं। नेपाल में ट्विटर इस्तेमाल करने वाले कुछ लोगों ने भारत पर जान-बूझकर ईंधन की आपूर्ति रोकने का आरोप लगाया है।
वहीं कुछ लोग पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति रोकने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यापार की नैतिकता पर विचार करने को कह रहे हैं। उनका कहना है ''हम ईंधन खरीद रहे हैं, भीख नहीं मांग रहे हैं''। मंगलवार को 10 हजार से अधिक ट्वीट में नरेंद्र मोदी और भारतीय प्रधानमंत्री के ट्विटर हैंडल @narendramodi और @pmoindia को टैग किया गया।
कुछ लोगों ने उनसे साफ-साफ कहा है कि वे नेपाल की संप्रभुता के मुद्दे पर दखल देना बंद करें। वहीं @nawarang ने ट्वीट कर कहा है, ''हमें कम करके न आंकें। पहले आपने हमें फुसलाने की कोशिश की। फिर हमे धमकी दी? हम अपने देश को अपने तरीके से चलाएंगे।'
'हालांकि ट्विटर पर कुछ नेपालियों का कहना है कि उनका गुस्सा भारत सरकार से है भारतीयों से नहीं। ट्विटर हैंडल @sushprj से सुष्मिता ने ट्वीट किया, ''प्रिय भारतीयों, हम आपके खिलाफ नहीं हैं, हम भारतीय राजनीति के खिलाफ है, जो कि हमारे आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश कर रही है। "