काठमांडू के हवाई अड्डे में तुर्की एयरलाइंस के विमान को क्रैश किए तीन दिन हो चुके हैं पर अधिकारियों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को फिर से शुरू करने में असुविधा है रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि क्रैश हुए हवाई जहाज को अभी भी रनवे से हटाया नहीं जा सका है। इस कारण हजारों अंतरराष्ट्रीय यात्री काठमांडू में फंसे हुए हैं।
बीबीसी संवाददाता शरद केसी ने राजधानी काठमांडू से जानकारी दी है कि करीब 40,000 से 60,000 यात्री हैं जो काठमांडू और दूसरे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं। इसका मतलब ये कि यात्री न तो नेपाल से बाहर जा पा रहे हैं न ही लोग दूसरे देशों से नेपाल पहुंच पा रहे हैं।
त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के जनरल मैनेजर रतीश चंद्र लाल सुमन और नागरिक उड्डयन ऑथोरिटी के प्रमुख ने बीबीसी को बताया कि केवल काठमांडू हवाई अड्डे में 21 हजार यात्री फंसे हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय उड़ाने रद्द, असुविधा में फंसे यात्री
रतीश चंद्र लाल सुमन ने बताया कि भारत से तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम आई है और इस काम में मदद कर रही है। इस टीम के साथ नेपाल आर्मी के करीब 400 जवान और पुलिस इस काम में लगे हुए हैं। काठमांडू में इसका असर ये हुआ है कि फंसे हुए लोगों को होटल तक मिलने में भारी असुविधा हो रही है।
उधर त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के चीफ एअर ट्रैफिक कंट्रोलर ने कहा है, "विमान को रनवे पर लाया गया है और हम शनिवार से अंतरराष्ट्रीय सेवा शुरू करने में कामयाब हो जायेंगे।"
इस सप्ताह तुर्की का एक विमान काठमांडू हवाई अड्डे पर रनवे से फिसल गया और पास में घास पर जाकर गिरा था जिससे विमान के अगले हिस्से को नुक़सान पहुंचा है। विमान में सवार सभी 224 यात्री सुरक्षित निकाल लिए गए थे।
बीबीसी संवाददाता शरद केसी ने काठमांडू से बताया कि छोटे जहाज आंतरिक उड़ानें भर रहे हैं लेकिन बुधवार सुबह से काठमांडू की ओर आने और जाने वाली सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों और बड़ी घरेलू उड़ानों को रद्द कर दिया गया है।
शरद ने विभिन्न देशों में फंसे नेपालियों से बात कर पता लगाया कि दूसरे हवाई अड्डों पर एयरलाइंस कंपनियां इन्हें मदद देने से इंकार कर रहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय हवाई नियमों का हवाला देते हुए कंपंनियां दो दिन तक मदद मुहैया करने को तैयार हैं, लेकिन उससे अधिक नहीं।
खाने, ठहरने की नहीं है खास व्यवस्था
इस दुर्घटना के चलते हवाई अड्डे से सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को 48 घंटे के लिए रद्द किया गया था। लेकिन तीसरे दिन भी उड़ानें रद्द है।
दोहा स्थित पत्रकार होम कार्की का कहना है कि फंसे यात्रियों को रहने और खाने की असुविधा हो रही है। उन्होंने कहा "कतर एयरलांइस ने यात्रियों के लिए खाने की व्यवस्था की थी पर उनके ठहरने को ले कर कोई खास व्यवस्था नहीं है।"
नेपाल की राजधानी में स्थित यह देश का एकमात्र हवाई अड्डा है जहां से रोज अस्सी अंतरराष्ट्रीय और दर्जनों घरेलू उड़ानें उड़ान भरती हैं।
अधिकारियों के अनुसार शाम तक जहाज को रनवे से खींच कर पार्किंग