बीते साल इंडोनेशिया में दुनिया के इकलौते ट्रांसजेंडर स्कूल को रूढ़िवादी ग्रुप इस्लामिक जिहाद फ्रंट ने बंद करा दिया था। मुस्लिम बहुल देश में ट्रांसजेंडरों का इस तरह शिक्षा हासिल करना छोटी सोच रखने वालों को रास नहीं आया। समाज की मुख्य धारा से जुड़ने का उनका सपना अब उनकी शेल्टर नुमा सोसायटी में कैद होकर रह गया है। जहां से बाकी दुनिया से अलग हैं, लेकिन साथ।
यहां वह पढ़ सकती हैं, खुल कर जी सकती हैं और जो मर्जी चाहे कर सकती हैं। क्योंकि यह उनकी अपनी दुनिया है। इंडोनेशिया की जनता उन्हें वारिया कहती है। यह दो इंडोनेशियाई शब्दों वानिता और प्रिया से मिलकर बना है। जिसका अर्थ है महिला और पुरुष। बीते साल जब दुनिया के इकलौते ट्रांसजेंडर स्कूल को बंद करने की खबर आई तो सभी को गहरा धक्का लगा। हालांकि अच्छी बात यह है कि आज भी उनकी पढ़ाई जारी है।
कुछ दिलेर शिक्षक समय निकालकर उनके शेल्टर में पहुंचते हैं और महिलाओं को पढ़ाते हैं। ऐसी 42 ट्रांसजेंडर महिलाएं अब अपने आशियाने में ही शिक्षा ग्रहण कर रही हैं। इंडोनेशिया की इन वारिया की जिंदगी को योगयकार्ता नाम की कम्यूनिटी ने तस्वीरों में संजोया है। इन शेल्टर में अभी 300 से ज्यादा ट्रांसजेंडर महिलाएं रहती हैं। वारिया के लिए काम करने वाली एक्टिविस्ट स्निता रात्रि ‘पोनडोस पिसनत्रेन वारिया अल-फतह’ नाम से धार्मिक स्कूल चलाती हैं।