अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने भारत को स्वतंत्र राजकोषीय परिषद गठित करने का सुझाव दिया है। आईएमएफ का कहना है कि इस संस्थान ने कई देशों जहां इसे लागू किया है, वहां बेहतर योगदान दिया है।
आईएमएफ के राजकोषीय विभाग के निदेशक विटोर गैस्पर ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘भारत काफी बेहतर राजकोषीय एकीकरण में शामिल है। हम इसे अच्छा मानते हैं।’ उन्होंने कहा कि भारत ने सार्वजनिक ऋण की सीमा को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के अधिकतम 60 प्रतिशत तक सीमित रखने को स्वीकार किया है।
हमारा मानना है कि यह उचित है। यह कुछ ऐसा है जिससे भारत को अपने सार्वजनिक बांड को सुरक्षित परिसंपत्ति के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा। आगे की प्रगति पर गैस्पर ने कहा कि भारत को अपने वित्तीय संस्थानों को संघ और राज्य दोनों के स्तर पर मजबूत करने की जरूरत है।
उन्होंने सुझाव दिया कि राजकोषीय दायित्व रूपरेखा को मजबूत करने के परिप्रेक्ष्य में भारत को स्वतंत्र राजकोषीय परिषद की स्थापना पर विचार करना चाहिए।