मेक्सिको में 43 छात्रों की गुमशुदगी पर एक मानवाधिकार संस्था ने अपनी छानबीन के आधार पर सरकारी जांच को नकार दिया है।
सरकारी जांच में कहा गया था कि छात्रों के ग़ायब होने के घंटों बाद ही उनके शवों को कूड़े के ढेर में जला दिया गया था। लेकिन मानवाधिकारों के इंटर-अमेरिकन कमीशन (आईएसीएचआर) का कहना है कि उसे शवों के जलाए जाने के ठोस सबूत नहीं मिले हैं।
अब मेक्सिको की सरकार ने नई जांच की घोषणा की है। आईएसीएचआर की रिपोर्ट प्रकाशित होने के कुछ देर बाद ही महाधिवक्ता एरेली गोमेज़ ने कहा कि नया फ़ोरेंसिक दल कथित घटनास्थल की दोबारा जांच करेगा। छात्रों के रिश्तेदारों ने भी अधिकारिक जांच को नकार दिया था।
छात्रों के परिजनों ने भी सरकारी जांच को नकार दिया था। उनका आरोप है कि जांच में शीर्ष अधिकारियों और सेना की संभावित भूमिका को छिपाया गया था।
प्रदर्शनकारी छात्रों के ग़ायब होने के बाद मेक्सिको में व्यापक प्रदर्शन हुए थे। छह महीने की जांच के बाद अब वाशिंगटन स्थित संगठन आईएसीएचआर ने कहा था कि सरकार को छात्रों की खोज के प्रयास जारी रखने चाहिए। इस मामले में स्थानीय मेयर, उसक पत्नी और पुलिस अधिकारियों को गिरफ़्तार किया गया था।