केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि मैंने अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहन देने के लिए कभी भी किसी ‘राहत पैकेज’ के बारे में बात नहीं की है। उन्होंने कहा कि मीडिया ने राहत पैकेज के बारे में बात की और आपको इस बारे में उन्हीं से पूछना चाहिए।
दरअसल, जेटली से पूछा गया था कि क्या सरकार किसी बड़े राहत पैकेज पर विचार कर रही है। वित्त मंत्री ने इस पर कहा कि मैंने ‘राहत पैकेज’ शब्द का इस्तेमाल नहीं किया।
मैंने तो केवल यह कहा था कि हम हालात को देखते हुए फैसले लेंगे। मीडिया के लोगों ने मेरी बात का मतलब ‘राहत पैकेज’ निकाल लिया। चूंकि आप भी उनमें से एक हैं अत: आपको इस बारे में मुझसे नहीं पूछना चाहिए।
बता दें कि अरुण जेटली आईएमएफ और विश्व बैंक की सालाना बैठक में भाग लेने के लिए एक हफ्ते की अमेरिकी यात्रा पर हैं।
सनद रहे कि वित्त मंत्री का बयान ऐसे समय पर आया है, जब आर्थिक वृद्धि के लगातार छठीं तिमाही में गिरने के बाद 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक के संभवित ‘राहत पैकेज’ की बातें कही जा रही हैं।
बता दें कि अप्रैल-जून तिमाही में भारत की आर्थिक वृद्धि दर तीन साल में सबसे सुस्त रहते हुए 5.7 फीसदी पर आ गई है।