जर्मनी में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर मंगलवार को सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से यूरोपियन एयरपोर्ट्स पर करीब 10 हजार लोग फंसे हुए हैं। हड़ताल के कारण जर्मनी की सबसे बड़ी एयरलाइंस लुफ्थांसा ने सोमवार को ही बयान जारी करके कहा था कि वह कर्मचारियों की हड़ताल को देखते हुए अपनी 1600 उड़ानों में से 800 को रद्द करने का फैसला ले रही है।
इस हड़ताल के मद्देनजर जर्मनी के सबसे बड़े एयरपोर्ट फ्रैंकफर्ट समेत छोटे एयरपोर्ट जैसे म्युनिख, कोलोग्ने और ब्रेमेन हवाई अड्डों पर ही लुफ्थांसा एयरलाइंस की सेवाएं काफी प्रभावित हुई हैं। जर्मनी की लेबर यूनियन वर्दी ने बताया कि म्युनिख जाने वाले अधिकतर फ्लाइट कैंसिल हुई हैं या फिर उन्हें रद्द कर दिया गया। इसके अलावा यूनियक के प्रमुख फ्रैंक बिस्रिक ने कहा, पंद्रह अप्रैल को तीसरे दौरे की वार्ता में अगर हमारी मांगों से संबंधित उचित पेशकश नहीं की गई तो हम हड़ताल तेज करेंगे।
एयरपोर्ट्स के अलावा हड़ताल की वजह से लोकल ट्रांसपोर्ट और अस्ताल का कामकाज भी ठप्प रहा। सफाई कर्मचारियों के काम न करने की वजह से जगह-जगह कूड़ों का ढेर देखा गया। सार्वजनिक सेवा के दो करोड़ तीस लाख कर्मचारियों के लिए इस यूनियन ने प्रांतीय और संघीय स्तर के कर्मचारियों के वेतन में छह प्रतिशत की बढ़ोतरी की मांग की है।