सैटेलाइट से मिली तस्वीरों से पता चला है कि म्यांमार के रखाइन प्रांत में कथित रूप से रोहिंग्या के 55 गांवों को पूरी तरह से तबाह कर दिया गया है। ह्यूमन राइट्स वॉच (एचआरडब्लू) ने शुक्रवार को म्यांमार सरकार पर आरोप लगाते हुए यह दावा किया। संस्था ने यहां हुए अत्याचारों के सबूत छिपाने का आरोप भी लगाया है।
एचआरडब्लू में एशिया विभाग के निदेशक ब्रैड एडम्स ने कहा, ‘म्यांमार सरकार अत्याचार के सबूतों को छिपा रही है। पिछले साल नवंबर से अब तक कम से कम 55 गांवों का सफाया किया जा चुका है। रोहिंग्या लोगों की जमीनों पर कब्जा कर लिया गया है। सरकार उन सभी सबूतों को छिपा रही है, जिनसे पता लगाया जा सके कि किसने ये अपराध किए है।’
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों को वहां जाने की इजाजत मिलनी चाहिए, जहां हजारों रोहिंग्याओं का कथित रूप से मौत के घाट उतारा गया है। गौरतलब है पिछले साल अगस्त के बाद से करीब सात लाख रोहिंग्या पलायन कर सीमावर्ती बांग्लादेश चले गए। इन लोगों में अधिकतर मुस्लिम हैं।