दुनिया के सबसे बड़े और पहले सुपर कंप्यूटर ने काम करना शुरू कर दिया है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह इंसानी दिमाग की तरह काम करता है और सिर्फ एक सेकंड में 20 हजार करोड़ से ज्यादा कमांड एक बार में कर सकता है। इसे ब्रिटेन के यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर के वैज्ञानिकों द्वारा बनाया गया है। इस सुपर कंप्यूटर को बनाने में 141.38 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
इसे बनाने का काम 2006 में शुरू किया गया था। इसके प्रोसेसर में लगी चिप्स में 100 अरब ट्रांजिस्टर हैं। इस कंप्यूटर के जरिए वैज्ञानिकों को न्यूरोलॉजी से संबंधित बीमारियों की पहचान और उसके इलाज में मदद मिलेगी। सुपर कंप्यूटर की इस मशीन को ‘स्पिननेकर’ नाम दिया गया है। प्रोफेसर स्टीव फरबेर का कहना है कि यह मशीन दुनिया की अब तक की सबसे तेज और नियत समय में सबसे अधिक बायोलॉजिकल न्यूरॉन्स की नकल कर सकती है।