अल्जीरिया में सैनिकों ने देश के पूर्व में स्थित उस पेट्रोलियम संयंत्र को घेर लिया है, जहां इस्लामी चरमपंथियों ने 20 विदेशी कर्मचारियों को बंधक बनाया हुआ है।
इन चरमपंथियों ने बुधवार को इन अमेनाज में स्थित इस पेट्रोलियम संयंत्र पर हमला कर ब्रिटेन और अल्जीरिया के एक नागरिक को मार दिया और फिर इस पर कब्जा कर लिया। जिन लोगों को अगवा किया गया उनमें ब्रितानी, जापानी, अमरीकी, फ्रांसीसी और नॉर्वे के नागरिक शामिल हैं।
अल्जीरिया के आंतरिक मामलों के मंत्री दहो उल्द कबीला का कहना था कि ये चरमपंथी बंधक बनाए गए लोगों के साथ देश से बाहर जाना चाहते थे लेकिन उन्होंने अपहर्ताओं को ऐसा नहीं करने दिया है।
बुधवार को उन्होंने रिपोर्टरों को बताया कि हम उस समूह के साथ किसी तरह की बातचीत नहीं करना चाहते जिन्होंने कई देशों के 20 नागरिकों को बंधक बनाया हुआ है।'
कबीला का कहना है ये अपहर्ता अल्जीरिया से हैं और वे अल-कायदा के वरिष्ठ कमांडर मुख्तार बलमुख्तार के आदेश पर इस काम को अंजाम दे रहे हैं।
अपहरण
इस बीच इस चरमपंथी संगठन के कथित प्रवक्ता का दावा है कि उन्होंने 41 विदेशियों का अपहरण किया है और दर्जन भर अल्जीरिया के कर्मचारियों को रिहा कर दिया गया है।
मंत्री का कहना था कि हथियारों से लैस चरमपंथी समूह ने कर्मचारियों को ले जा रही बस पर इन अनेनाज़ में हमला किया। इस पेट्रोलियम क्षेत्र को अल्जीरिया की सरकारी तेल कंपनी सोनात्रा, ब्रितानी तेल कंपनी बीपी और नॉर्वे की स्टेट ऑयल मिलकर चलाते हैं।
इस बस में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी भी मौजूद थे, जिन्होंने हमलावरों पर कार्रवाई की लेकिन इसमें एक ब्रितानी और एक अल्जीरियाई नागरिक मारा गया। साथ ही उनका कहना था कि इस कार्रवाई के दौरान दो ब्रितानी नागरिक, एक नॉर्वे का नागरिक, दो पुलिसकर्मी और एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया।
इसके बाद चरमपंथी इस पेट्रोलियम संयंत्र में बने मकानों में पहुंचे और अल्जीरियाई और विदेशी कर्मचारियों को बंधक बना लिया। कबीला ने अपहरण किए गए इन लोगों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें मकानों की एक इकाई में रखा गया जिस इमारत को सेना ने घेर लिया है।