बेशकीमती से बेशकीमती कटोरे की कीमत आखिर कितनी हो सकती है। चौंकिएगा मत! हॉन्गकॉन्ग में एक कटोरे की कीमत 180 डॉलर लगाई गई है।
छोटा सा, खूबसूरत, चीनी मिट्टी का बना मिंग कटोरा। यह कटोरा जब सूथबी हाऊस में नीलामी के लिए लाया गया तो कला के एक पारखी ने इसे 180 लाख डॉलर (करीब 110 करोड़ रुपए) में खरीदा।
इस कटोरे में ऐसी क्या ख़ास बात है?
चलिए हम बताते हैं। चीनी मिट्टी से बना यह मिंग कटोरा इतना कीमती इसलिए है क्योंकि यह 15वीं सदी के चांगक्वा काल का है। 15वीं सदी का यह दौर अपनी कला और कारीगरी के लिए दुनिया भर में मशहूर था। कहा जाता है कि उस दौर के बादशाह क्वांग ने इसका इस्तेमाल किया था।
15वीं सदी का कटोरा
सूथबी के जरिए नीलाम किया गया यह अब तक का दूसरा सबसे महंगा मिंग कटोरा है।
सूथबी के निकोलिस चाऊ कहते हैं, "यह अब तक का दूसरा सबसे कीमती बरतन है। यह अपने दौर के उत्कृष्ट कला का नमूना है। हमारे यहां अमेरिका, यूरोप और एशिया से खरीददार आते हैं। उन सबने इसे पसंद किया।"
विदेशी खरीददारों की दिलचस्पी के बावजूद यह प्याला अब हॉंगकॉंग में ही रहेगा। क्योंकि चीनी सिरेमिक डीलर विलियम चैक ने इसे खरीद लिया है।
इसके पहले हॉंगकॉंग में मिंग काल के एक चीनी मिट्टी के फूलदान की नीलामी 2 करोड़ डॉलर से ज्यादा में हुई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद यह फूलदान रिकार्ड तोड़ कीमत में बिका था।
हॉंगकॉंग के सूथबी को एशियाई कला बाजार की ताकत का मुख्य केंद्र के रूप में देखा जाता है।