आस्ट्रेलिया के जेम्स हेरिसन के अलावा इस दुनिया में शायद ही कोई व्यक्ति हो जो दो मिलियन लोगों की जान बचा सकता है।
जेम्स मिलियन 78 साल के हैं और इनके खून में मौजूद प्लाज्मा दुनिया में सबसे दुर्लभ है। जेम्स के खून के बदौलत ही लाखों महिलाएं स्वस्थ बच्चे पैदा कर पा रही हैं।
डेली मेल के अनुसार हेरिसन जब 14 साल के थे तब उनके फेफड़ो को एक ऑपरेशन के दौरान फेफड़े निकाल दिए गए थे। उस समय उन्हें 13 लीटर खून कई अजनबी लोगों ने दिया।
इसके बाद से इसके शरीर में एक एंटीबॉडी विकसित हो गई जिसके बाद 18 साल की उम्र से ही ये रक्तदान कर रहा है।
एक गर्भवती महिला जब रीसस नाम की बिमारी से पीड़ित थी। तब उसके अजन्मे बच्चे के पास रीसस-पॉजीटिव खून और उसकी मां के पास रीसस निगेटिव खून था। मां में बनी इस एंटीबॉडी के चलते उसके बच्चे की जान पर खतरा मंडरा रहा था।
तब डॉक्टरो ने हेरिसन के खून से एंटी-डी विकसित किया और महिला के शरीर में बन रहे रीसस एंटीबॉडी को बनने से रोका।
उसके बाद से आस्ट्रेलिया में हर साल एंटी-डी हेरिसन के खून से ही बनाया जाता है और लाखों बच्चो का जीवन बचाया जाता है।
हेरिसन को द मैन विद गोन्डन आर्म के नाम से जाना जाता है। पिछले 60 साल से हेरिसन हर हफ्ते रक्तदान करते हैं। शुरूआती दौर में हेरिसन के हाथ का बीमा 768,370 डॉलर में हुआ था।