मिस्र के लाल सागर तट पर एक 'इस्लामिक होटल' खोला गया है। इस होटल की खूबियां ज़रा हट के हैं। यहां न तो शराब मिलती है और न ही सिगरेट।
इस होटल में औरतों और मर्दों के लिए अलग-अलग मंजिलों पर रहने की व्यवस्था की गई है।
एक ऐसे इलाके में जहां विदेशी सैलानियों को आर्कषित करने वाले होटलों की भरमार है।इस तरह के होटल के खुलने को एक नए दौर की शुरुआत कहा जा सकता है।
मुस्लिम बहुल इलाके में बिकनी पहनी हुई औरतों का नजारा चौंका देता है। ये नज़ारा है 'इस्लामिक होटल' का। इसकी शुरुआत करने वाले हैं यासिर कमाल।
उन्होंने हाल ही में यह होटल खोला है। यासिर का कहना है कि वे 25 साल से इस तरह के होटल को शुरु करने का सपना देख रहे थे।
इस्लामिक होटल की सबसे बड़ी खासियत है कि यहां महिलाओं के आराम की अलग व्यवस्था है।
पुरुषों का प्रवेश वर्जित
होटल की छत केवल महिलाओं के लिए खुली है। यहां मौजूद स्वीमिंग पूल और आरामगाह में पुरुषों का प्रवेश वर्जित है।
हालांकि नए नए खुले इस होटल में अभी ज्यादा पर्यटक नहीं हैं। फिर भी जो परिवार यहां आते हैं, उनमें से खासकर महिलाएं इस नए विकल्प को लेकर बहुत उत्साहित हैं।
एक महिला सैलानी हबीबा मोहम्मद का कहना है, "यहां आकर अच्छा लगा। मुझे ये आइडिया बहुत पसंद आया। अब हमारे पास हमारा अपना स्पेस है। ये ज्यादा सुकून भरा है।"
जब होटल का उद्घाटन हुआ तो होटल के सारे कर्मचारियों ने अल्कोहल की सारी बोतलें फोड़ डाली। इस होटल में अल्कोहल पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इस्लामिक होटल के मैनेजर यासिर कमाल कहते हैं, "सरकार को चाहिए कि कुछ होटलों में शराब पर पूरी तरह रोक लगा दें। क्योंकि जब महिलाएँ वहां जाएंगी तो वे भी शराब पीना शुरु कर देंगी।"
अल्कोहल पर प्रतिबंध
पर्यटन अधिकारियों का कहना है वे इस तरह के प्रतिबंधों से असहमत हैं। मगर वे नए विकल्प का स्वागत भी करते हैं।
पर्यटन निदेशक अहमद अलडोर कहते हैं, "अल्कोहल को सभी होटलों में प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता। यह एक कॉस्मोपोलिटन सिटी है। यहां वैसी सारी सुविधाएं होनी चाहिए जो दूसरे होटलों में हैं।"
तटीय इलाका हुरगादा के होटलों में आने वाले पर्यटक यहां के लंबे लंबे समुद्री किनारों और शराब के अभ्यस्त हैं।
और इस तथ्य के बावजूद कि अब यहां नई इस्लामिक सरकार सत्ता में आ चुकी है, इस तरह की जगहों पर अब तक कुछ भी बदला नहीं है।
मिस्र में हुई क्रांति से यहां का पर्यटन उद्योग चौपट हो चुका है। उसे फिर से पटरी पर लाने और मिस्र आने वाले पर्यटकों की संख्या बढाने में यासिर कमाल का यह कदम कारगर हो सकता है।
इस्लामिक मूल्यों से प्रभावित इस नए पर्यटन का खास कर अब यही संदेश हैं कि, आइए, आप सब का स्वागत है।