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यूक्रेनः सरकारी इमारतों पर बंदूकधारियों का कब्जा

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यूक्रेन के सुरक्षाबलों ने रूसी-बहुल क्रीमिया क्षेत्र की राजधानी सिंफरपोल में दो सरकारी इमारतों को अपने कब्जे में ले लिया है। इन इमारतों को हथियारबद्ध लोगों ने अपने कब्ज़े में ले रखा है। सिंफ़रपोल की संसद में स्थानीय सरकार की इमारतों पर रूसी झंडे लहरा रहे हैं।
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उन्होंने कहा, "मैं रूसी संघ के नेताओं से कहना चाहूंगा कि वो स्वायत्त क्रीमिया गणराज्य औऱ सेवेस्तपोल शहर में रूसी सैनिकों की उपस्थिति के मूल समझौते का पालन करें ताकि यूक्रेन के कानून के उल्लंघन न हो।"यूक्रेन के अंतरिम राष्ट्रपति ओलेक्ज़ेंडर तुर्चिनोव ने रूस को क्रीमिया में किसी सैनिक हस्तक्षेप के खिलाफ़ आगाह किया था।

उन्होंने चेतावनी दी कि क्रीमिया में रूसी सैनिकों की किसी भी हरकत को आक्रमण के तौर पर देखा जाएगा।

पुलिस का घेरा
एक प्रत्यक्षदर्शी मैक्सिम ने पत्रकारों को बताया, "इमारत को कब्ज़े में ले लिया गया। करीब 30 हथियारबंद लोग इमारत में घुस गए। उन्होंने इमारत से पुलिस को बाहर निकाल दिया।" इस घटना के बाद यूक्रेन के सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट जारी किया गया है।
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बुधवार को रूस समर्थक अलगाववादियों और यूक्रेन के नए नेता के समर्थकों के बीच आपस में झड़प हुई थी। उधर रूसी सेना लगातार दूसरे दिन भी सैन्य अभ्यास कर रही है। रूस का कहना है कि उसके लड़ाकू विमान चौकस हैं।



बुधवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने केंद्रीय और पश्चिमी रूस में सेना की तैयारियों के परीक्षण के लिए त्वरित अभ्यास की बात की थी। विश्लेषकों के मुताबिक गुरूवार का अभ्यास इसी का हिस्सा जैसा प्रतीत होता है।

इसी बीच रूस के विदेश मंत्री ने यूक्रेन में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों पर चिंता जताई है।

ऐसे वक्त जब रूस औऱ पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है, नेटो ने एक वक्तव्य में कहा कि वो यूक्रेन की अखंडता का लगातार समर्थन करता रहेगा। अमेरिका ने रूस को चेतावनी दी है कि वो किसी भी सैन्य हस्तक्षेप से बचे।

क्रीमीया में मौजूद बीबीसी संवाददाता मार्क लोएन के अनुसार सिंफरपोल की घटना इस बात की ओऱ इशारा है कि इलाके में कितना तनाव है।

बुधवार को शहर में रूस समर्थकों और यूक्रेन में सरकार बदलने का समर्थन करने वालों के बीच झड़पें हुई थीं। यूक्रेन के नए शासक को चुनौती देने के लिए क्रीमिया के झंडे के बगल में रूस का झंडा गाड़ दिया गया है।

अलगाववाद का भय
यूक्रेन के आंतरिक मंत्री आर्सन अवाकोव के अनुसार सरकारी इमारतों के नज़दीक के इलाके को घेर लिया गया है। उनका कहना है कि इमारतों को घरने का काम उकसाने वाले लोगों का है।

बंदूकधारियों ने अब तक सरकार के सामने न तो कोई मांग रखी है और न ही उनकी ओर से कोई प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई है। लेकिन उन्होंने इमारतों के पास तख्ती खड़ी कर रखी है जिसपर लिखा है, "रूस का क्रीमिया।"

समाचार एजेंसी एपी ने जानकारी दी है कि जब उनसे एक पत्रकार ने कुछ सवाल करने की कोशिश की तो उन्होंने जवाब में एक ग्रेनेड फेंका। पिछले हफ़्ते जबसे राष्ट्रपति विक्टर यानुकोविच को पद से हटाया गय़ा तभी से क्रीमिया में तनाव बढ़ रहा था। बुधवार को राजधानी सिम्फेरोपोल में रूसी समर्थकों और विरोधियों के बीच भीषण झड़प हुई थी।

क्रीमिया में रूसी मूल के लोगों की तादाद ज़्यादा है। 1954 में क्रीमिया रूस को छोड़कर यूक्रेन का हिस्सा बना था। यूक्रेन के प्रति वफादार यूक्रेन के लोगों और तातार मुसलमानों ने रूस का विरोध करने के लिए एक गठबंधन बना लिया है।

बुधवार को यूक्रेन का प्रधानमंत्री पद संभालने वाले आर्सेनिय यात्सेनयुक ने कहा था कि क्रीमिया में अलग अलग लोगों ने देश को बांटने की कोशिश की है लेकिन उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा वो इस संकट से निपट सकते हैं।
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