बेल्जियम में हुए अब तक के सबसे भयावह आतंकी हमले के नवंबर में पेरिस में हुए हमलों से तार जुड़ने और फ्रांस में एक नये आतंकी हमले की तैयारी की जानकारी के बाद बेल्जियम पुलिस ने छापेमारी और गिरफ्तारियों को ज्यादा तेज कर दिया है।
इससे पहले सरकार की लगातार आलोचना के बीच दो मंत्रियों ने बैकफुट पर आते हुए कहा है कि उन्होंने हमले रोकने के लिए हरसंभव प्रयास किया। वहीं, कई लोगों का मानना है कि सीरिया में आईएस में शामिल होने गये बेल्जियम के युवाओं को रोकने के पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए। दावा किया जा रहा है कि जब वे सीरिया से लौटे तो पहले की अपेक्षा ज्यादा कट्टर हो चुके थे और इन्हीं युवाओं ने ब्रसेल्स हमले को अंजाम दिया।
दैनिक अखबार ला सॉइर के संपादकीय में क्रिस्टोफी बर्टी ने लिखा है, ‘हमले, दर्जनों की मौत, सैकड़ों घायल, आंसू, छापेमारी, एक राजनीतिक संकट, राजधानी में घेरेबंदी और भगोड़े अभी भी पकड़ से बाहर, वहीं पेरिस के प्रमुख संदिग्ध सालेह अब्देसलाम ने कैद के दौरान कुछ भी नहीं बताया।’ बर्टी ने कहा, ‘देश को पीछे धकेलने वाला दु:स्वप्न जारी है।’
इससे पहले, शुक्रवार को पुलिस छापेमारी में गिरफ्तार किए गए तीन लोगों के बारे में फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि वे नए हमले की तैयारी में थे। राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा है कि पेरिस और ब्रसेल्स हमले के लिए जिम्मेदार एक जिहादी समूह को ‘नष्ट’ कर दिया गया है, लेकिन अभी भी खतरा टला नहीं है और सभी को चौकस रहना चाहिए।
गौरतलब है कि तुर्की ने कहा था कि बेल्जियम हमले में शामिल एक आतंकी इब्राहिम अल बकरावी को उसने गिरफ्तार कर निर्वासित किया था, लेकिन बेल्जियम ने ‘विदेशी आतंकी लड़ाके’ से संबंधित उसकी चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया। बेल्जियम सरकार की इस ‘गलती’ को स्वीकार करते हुए उसके दो मंत्रियों ने इस्तीफे की पेशकश की थी। इब्राहिम और उसके भाई खालिद ने ब्रसेल्स मेट्रो पर हमला किया था। ये दोनों अमेरिका की वांछित आतंकियों की सूची में शामिल थे। इब्राहिम नवंबर के पेरिस हमलों के पहले से इस सूची में शामिल था, जबकि खालिद का नाम हाल ही में जोड़ा गया था।