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6 महीने से बंधक पत्रकारों को आखिर मिली रिहाई

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सीरिया में क़ैद से आज़ाद हुए फ्रांस के पत्रकारों ने अपनी दास्तान सुनाई है। इन चार पत्रकारों को इस्लामी चरमपंथियों ने क़ैद किया था।
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दिदीर फ्रांस्वा ने बताया कि चारों पत्रकारों को एक साथ बांधा गया था और उन्हें ऐसे तहख़ाने में रखा गया था जहां सूरज की रोशनी नहीं पहुंचती थी। उनके सहकर्मी निकोलस हेनिन ने बताया कि उनके साथ हमेशा अच्छा बर्ताव नहीं किया गया।

हेनिन, फ्रांस्वा, एडुअर्ड एलियार और पियरे टोर्रिस के फ्रांस पहुँचने पर उनके परिवारों और राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने स्वागत किया। ये चारों पत्रकार जब शुक्रवार को सीरिया की सीमा पर तुर्की के सैनिकों को मिले थे, तो उनके हाथ बंधे हुए थे और आंखों पर पट्टी बंधी थी।
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आज़ादी का जश्न

जेहादी संगठन इस्लामिक स्टेट ऑफ़ इराक़ एंड लेवांट (ईएसआईएस) पर उनका अपहरण करने का आरोप लगा है। रिहाई के बाद की टीवी फ़ुटेज में चारों पत्रकार लंबी दाढ़ी और बालों के साथ अच्छी सेहत में दिख रहे थे।

रिहा पत्रकारों का कहना है कि उन्हें हमेशा अच्छे से नहीं रखा गया। रिहाई के वक़्त फ्रांस्वा ने कहा था, "हम आज़ाद होकर, खुले आसमान को देखकर, अपने पैरों से चलकर और खुलकर बात करके बहुत खुश हैं।"

उन्होंने कहा, "हमने छह महीने तक रोशनी नहीं देखी। तहखाने में रहे। ढाई महीने तक हम एक दूसरे से बंधे रहे। यह एक लंबी पीड़ा थी लेकिन हमने कभी उम्मीद नहीं खोई। वक़्त-वक़्त पर हमें बाहरी जानकारियां मिल रहीं थी और हमें पता चल रहा था कि दुनिया बदल रही है।"
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दो अलग-अलग घटनाओं में किया गया था अगवा

चारों पत्रकारों को दो अलग-अलग घटनाओं में अग़वा किया गया था। अनुभवी युद्ध संवाददाता दिदीर फ्रांस्वा और उनके फ़ोटोग्राफ़र एलियास को पिछले साल जून में अलप्पो के नज़दीक अग़वा किया गया था।

एक पत्रिका के साथ काम करने वाले हेनिन और एक फ्रैंच-जर्मन टीवी चैनल के साथ काम करने वाले टोर्रेस को एक महीने बाद राक़्क़ा के क़रीब से अग़वा किया गया था।

पेरिस में बीबीसी संवाददाता हग़ स्कोफ़ील्ड के मुताबिक पत्रकारों की रिहाई के लिए कई हफ़्तों से बातचीत चल रही थी लेकिन अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि उनकी रिहाई के बदले चरमपंथियों को कुछ दिया गया है या नहीं।

रिहा पत्रकारों का स्वागत करते हुए राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने कहा कि ये रिहा पत्रकारों और फ्रांस के लिए खुशी का दिन है। ओलांद ने इन बातों का भी खंडन किया है कि फ्रांस ने फ़िरौती की रकम चुकाई है।
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