इराक के तिकरीत में चरमपंथी संगठन इस्लामिक स्टेट के हाथों मारे गए 1700 इराकी सेनिकों की 12 संदिग्ध कब्रगाह मिली हैं। हाल ही में एक माह के घमासान के बाद तिकरीत को इस्लामिक स्टेट के कब्जे से आजाद कराया गया है।
माना जा रहा है कि ये जून में मारे गए उन इराकी सैनिकों की कब्रें हैं जिन्हें अमरीकी अड्डे के बाहर पकड़ा गया और फिर मार दिया गया। इस जगह के नज़दीक कभी अमरीकी सेना का कैंप हुआ करता था। इनमें से कुछ कब्रगाह तो पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के प्रेसिडेंशियल परिसर में है, जिसे आईएस ने पिछले साल तिकरीत में अपना मुख्यालय बना लिया था।
आईएस शियाओं को अलग करता था
इसके बाद इराकी फोरेंसिक टीम ने वहां 12 कब्रों की खुदाई शुरू कर दी थी। इसके बाद इराक़ी फोरेंसिक टीम ने वहां 12 कब्रों की खुदाई शुरू कर दी थी। साल 2014 के जून में इस्लामिक स्टेट की ओर से सोशल मीडिया पर ज्यादातर इराकी सेना के शिया सदस्यों के कत्ल की तस्वीरें और वीडिया डाले गए थे।
बचे हुए लोगों का कहना है कि चरमपंथी मारने से पहले उनकी शिया होने की शिनाख्त करते थे। खुदाई के बाद शवों की शिनाख्त के लिए डीएनए परीक्षण का सहारा लिया जाएगा। अभी तक कई परिवारों को उनके परिजनों की मौत की पुष्ट खबर तक नहीं मिल पाई है।