फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'घरवाली की इज्जत, बाहरवाली पर नीयत खराब'

Fri, 22 Mar 2013 11:22 AM IST
बीबीसी हिंदी
विज्ञापन
विज्ञापन
हाल ही में विदेशी महिलाओं के साथ हुए यौन उत्पीड़न की ख़बरों ने भारत आने वाली विदेशी महिलाओं को चिंता में डाल दिया है। पढ़िए क्या सोचती हैं ये महिलाएं भारतीय मर्दों के बारे में?
विज्ञापन


लीना, कोलंबिया से आई सैलानी

मैं दो महीने पहले भारत आई हूं और यकीन मानिए मेरी मां मुझे यहां आने की इजाज़त ही नहीं दे रही थीं। उन्हें लगा कि मैं भारत में सुरक्षित नहीं रह पाऊंगी। दरअसल कोलंबिया में भारत की छवि ज़्यादा अच्छी नहीं है। पर मुझे भारत पसंद है।

यहां रह कर ऐसा लगता है कि महिलाएं केवल घरों की चारदीवारी में रहती हैं। सड़कों पर महिलाओं से कहीं ज़्यादा पुरुष दिखाई देते हैं।

यहां के पुरुषों की समस्या ये है कि वे बहुत घूरते हैं। शायद उनकी मानसिकता ऐसी है कि लाइफ में जितनी महिलाएं देखने को मिल जाए उतना अच्छा है। अपनी घरवाली से शायद उनका मन नहीं भरता, तो वे बाहरी महिलाओं पर बुरी नज़र डालते हैं।
विज्ञापन


मैं अपनी सुरक्षा का पूरा ख्याल रखती हूं। देर रात बाहर नहीं जाती, कभी अकेली घूमने नहीं निकलती और अनजान लोगों से बात नहीं करती।


सिल्वी, फ्रांसीसी सैलानी
मुझे भारत से बहुत प्यार है और मैं कई बार यहां आ चुकी हूं। मुझे यहां इतना असुरक्षित महसूस नहीं होता क्योंकि मैंने यहां रह कर हिंदी भाषा सीखी जिससे कि मुझे बहुत मदद मिली।

दिल्ली गैंगरेप वारदात पर जिस तरीके की प्रतिक्रिया भारतीय समाज ने दी, वो सराहनीय थी। उस दौरान मैं किरण बेदी के बयानों से बहुत प्रेरित हुई।

भारत में महिलाओं के प्रति पुरुषों का रुख बेहद रूढ़ीवादी है। वे अपने परिवार की महिलाओं को प्रति अच्छा बर्ताव करते हैं लेकिन दूसरी महिलाओं की ओर न जाने क्यों ऐसे पेश आते हैं।

(जब सिल्वी बीबीसी को ये इंटरव्यू दे रही थीं, तो एक नाबालिग लड़का उनके पास से गुज़रते हुए उन पर टिप्पणी करते हुए गया। उसने कहा– हाय बेबी...)

इस तरह की टिप्पणियों की अब आदत सी पड़ गई है। शायद ये गोरी चमड़ी के लोगों के देखकर ऐसा करने की कोशिश करते हैं। मैं बस इन्हें हंस कर नज़रअंदाज़ कर देती हूं।


डैनियला, कोलंबिया से आई सैलानी
मैं एक दिन पहले ही भारत यात्रा के लिए यहां पहुंची और अभी तक तो मुझे सुरक्षित ही लग रहा है।

लेकिन यहां के मर्द बहुत घूरते हैं। खैर मुझे इसकी परवाह नहीं है। शायद ये यहां की सभ्यता का हिस्सा ही है कि आदमी औरतों को इस तरह देखते हैं। मुझे बहुत असहज महसूस होता है...एक अजीब सा डर लगता है।


कार्मन, स्पैनिश सैलानी
मैं पिछले 25 सालों में कई बार भारत आ चुकी हूं और मुझे इस देश से बहुत प्यार है। मेरे साथ कभी कोई यौन उत्पीड़न की दिक्कत नहीं हुई, लेकिन एक बार मुंबई में एक बस में मेरा पर्स चोरी कर लिया गया था।

दिल्ली में दिसंबर में हुए गैंगरेप के बारे में स्पेन की मीडिया में बहुत चर्चा हुई। वो बहुत दुखद घटना थी। मैंने सुना है भारत में हर दिन कई महिलाएं बलात्कार का शिकार होती हैं। ये भर्तस्नीय है।

भारतीय मर्दों की मानसिकता बहुत पिछड़ी हुई है। उन्हें लगता है वे कहीं के महाराजा हैं और महिलाएं उनके पैरों की धूल। भारत में महिलाएं आगे बढ़ रही हैं लेकिन उनके खिलाफ मर्दों का रुख अच्छा नहीं है। यही हाल कई देशों में है लेकिन भारत में तो महिलाओं का हाल बुरा लगता है।

हां, लेकिन 25 सालों में जो बदलाव मैंने देखा है, वो ये है कि अब विदेशी महिलाओं की पोषाक को देखकर मर्द इतना असहज नहीं होते।


आन्द्रेया, अर्जेन्टीना से आई सैलानी
मेरी भारत यात्रा को 20 दिन हो गए हैं। मुझे लगता है कि मुझे यहां सुरक्षित सिर्फ इसलिए महसूस होता है क्योंकि मैं अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ यहां आई हूं। शायद अकेली होती तो इतना सुरक्षित महसूस नहीं करती क्योंकि यहां जिस तरह से लोग हमारी तरफ देखते हैं वो अजीब ही है।

अगर मेरी सहेलियों में से कोई कभी भारत आना चाहेगी तो मैं उसे सलाह दूंगी कि भारत एक अच्छी जगह है, लेकिन यहां अपने आंख और कान खुले रखें और अपनी सुरक्षा का खास ख्याल रखें।

मैं खुद को सुरक्षित रखने के लिए कुछ सहज बातों का ख्याल रखती हूं। मैं पूरी बाजू के कपड़े पहन कर बाहर निकलती हूं, अकेली बाहर नहीं निकलती और देर रात से पहले वापस अपने होटल पहुंच जाती हूं।
विज्ञापन


इन सब छोटी-छोटी बातों को भूल जाएं, तो मुझे भारत से बेहद प्यार है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें