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विश्व के इन दो नेताओं की सहायता से आज मिले किम-ट्रंप, तस्वीरों में देखिए मुलाकात

Tue, 12 Jun 2018 01:13 PM IST
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच पहले दौर की ऐतिहासिक वार्ता हो चुकी है। करीब 18 महीनों से दोनों नेताओं के बीच का रिश्ता काफी उतार चढ़ाव भरा रहा है। कभी किम ने वार्ता को रद्द करने की धमकी दी तो कभी ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह वार्ता उत्तर कोरिया के लिए आखिरी मौका होगा। लेकिन तमाम परेशानियों के बीच भी ये मुलाकात आज संभव हो गई। 
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हंसते हुए मिलाया दोनों ने हाथ

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लगभग पूरी दुनिया इस बात के इंतजार में थी कि जब दो बड़े दुश्मन रहे किम और ट्रंप आपस में मिलेंगे तो एक दूसरे को देखकर वह कैसी प्रतिक्रिया देंगे। जब दोनों का एक दूसरे से सामना हुआ तो हर कोई हैरान रह गया। किम और ट्रंप ने हंसते हुए एक दूसरे का बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया और हाथ मिलाया।
 
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किम ने कही वो बात जिसकी नहीं थी उम्मीद

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इस मुलाकात में जब दोनों के बीच बातचीत हुई तो ट्रंप ने किम से कहा, उम्मीद है हम दोनों के संबंध अच्छे रहेंगे। सबकुछ भुलाकर हम आगे बढ़ेंगे। किम के बगल में बैठकर ट्रंप ने कहा 'आगे हमारे रिश्ते बेहद शानदार होंगे। वास्तव में बहुत अच्छा महसूस कर रहा हूं, इसमें मुझे कोई शक नहीं है।' इसी बीच तानाशाह किम ने एक ऐसी बात कह दी जिसकी उम्मीद शायद ही किसी को हो। उन्होंने कहा- 'सिंगापुर में हो रही इस बैठक की राह में कई रोड़े थे। लेकिन हमने उन बाधाओं को पार किया और आज हम यहां हैं।'

दोनों की हरकतों से विश्व था खतरे में

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ये भी सच है कि जब दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए थे तो केवल अमेरिका और उत्तर कोरिया ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया इस खतरे को महसूस कर रही थी। एक तरफ जब किम कह रहे थे कि उनके टेबल पर जो न्यूकलिय बम का बटन है वह उसे कभी भी दबा देंगे तो दूसरी तरफ ट्रंप ने कहा था कि किम का बटन काम नहीं करता पर उनका करता है। दोनों की ऐसी ही हरकतों ने दुनिया को खतरे में डाल दिया था।
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इस शर्त पर अमेरिका देगा उत्तर कोरिया को पूर्ण सुरक्षा

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इस बैठक का शुरु एक ही उद्देश्य रहा है और वह है कोरियाई प्रायद्वीप में पूर्ण निरस्त्रीकरण करना। यह बात ट्रंप ने बैठक से पहले वाइट हाउस में भी कही थी। उन्होंने कहा था कि यदि किम इस शर्त को नहीं मानेंगे तो वह उत्तर कोरिया को तबाह कर देंगे। हालांकि बैठक तो सफल रही लेकिन अगर किम इस बात पर राजी नहीं हुए तो क्या वाकई ट्रंप ये कदम उठा सकते हैं। इसी बीच सिंगापुर में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने ये बात दोबारा दोहराई और कहा कि अगर उत्तर कोरिया पूर्ण निरस्त्रीकरण पर राजी हो जाता है तो अमेरिका उसे पूरी सुरक्षा मुहैया कराने की गारंटी देने के लिए तैयार है।
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25 साल बाद फिर दोहराया इतिहास

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ट्रंप और किम की इस मुलाकात को ऐतिहासिक कहा जा रहा है। लेकिन क्या आपको पता है कि ऐसा ही कुछ करीब 25 साल पहले भी हुआ था। जी हां, करीब 25 साल पहले भी ऐसी ही एक ऐतिहासिक वार्ता हुई थी जिसपर पूरी दुनिया की नजर टिकी थी। अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पहल पर इस्राइली प्रधानमंत्री इत्जाक राबिन और फलस्तीन नेता यासिर अराफात के बीच एक शिखर वार्ता हुई थी। दोनों दुश्मन देश इस शिखर वार्ता में शांति स्थापित करने और एक-दूसरे के अस्तित्व को स्वीकर करने पर सहमत हुए थे।
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वार्ता से पहले ट्रंप ने मनाया 72वां जन्मदिन

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इस बैठक से जुड़ी ये एक और खास बात है। यूं तो ट्रंप का जन्मदिन 14 जून को होता है लेकिन सिंगापुर ने उनका जन्मदिन मनाया है। ट्रंप ने सोमवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग से मुलाकात की और उम्मीद जताई कि किम के साथ इस ‘अत्यंत दिलचस्प’ वार्ता के अच्छे नतीजे सामने आएंगे। लूंग के साथ इस्ताना पैलेस में उन्होंने लंच भी किया। ट्रंप उस वक्त हैरान रह गए जब उनके लिए वहां बर्थडे केक मंगवाया गया। ट्रंप ने इस शानदार मेहमाननवाजी के लिए लूंग का शुक्रिया अदा किया।

विश्व के इन दो नेताओं की सहायता से आज मिले किम-ट्रंप

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एक तरफ जहां किम ने इस बात को स्वीकार किया कि उनके और ट्रंप के बीच होने वाली ये मुलाकात उतनी भी आसान नहीं थी। इस राह में कई रोड़े थे। वहीं ट्रंप ने भी कुछ दिन पहले इस असंभव चीज को संभव बनाने के लिए विश्व के दो नेताओं का शुक्रिया किया। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि इस समिट को सफल बनाने में जापान के राष्ट्रपति शिंजो आबे और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति मून जे इन ने बहुत सहायता की है। इस समिट से पहले मून जे इन ने भी दोनों नेताओं से मुलाकात भी की थी।

इसलिए हुई सिंगापुर में मुलाकात

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पहले तो कहा जा रहा था कि दोनों की मुलाकात उत्तर और दक्षिण कोरिया के सीमावर्ती गांव ट्रूस विलेज में होगी लेकिन बाद में अमेरिकी अधिकारियों ने  वार्ता कहीं और कराने का फैसला किया। इसके बाद इसके लिए सिंगापुर का चुनाव हुआ। इसके पीछे का कारण है सिंगापुर का दोनों ही देशों से साथ राजनायिक संबंधों का होना। साथ ही यह देश दोनों देशों के बीच एक तटस्थ देश के रूप में भी दिखाई देता है।
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मुलाकात के बाद कुछ ऐसा था नजारा

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भारतीय समयानुसार करीब 6:30 बजे शुरू हुई यह वार्ता 50 मिनट तक चली। जब ये बैठक खत्म हुई तो दोनों नेता बालकनी में साथ बाहर आते दिखे और हाथ मिलाकर अभिवादन किया। बैठक के बाद ट्रंप ने कहा कि किम के साथ उनकी बैठक बहुत-बहुत अच्छी रही और उन्होंने साथ ही विश्वास भी जताया कि वह और किम किसी बड़ी समस्या या उलझन को सुलझा सकते हैं। उन्होंने कहा कि वह और किम जबरदस्त सफलता पा सकते हैं और यह भी भरोसा दिलाया कि ऐसा एक दिन जरूर होगा। 
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