ब्रिक्स देश एक नया विकास बैंक और आकस्मिक निधि स्थापित करेंगे। ब्रिक्स बैंक का पहला मुख्य कार्यकारी यानी सीईओ या अध्यक्ष भारतीय को नियुक्त किया जाएगा।
भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने एक ट्वीट में इस बात की जानकारी दी है। यह बैंक चीन में स्थापित किया जाएगा और इसका एक क्षेत्रीय कार्यालय दक्षिण अफ्रीका में होगा।
ब्रिक्स देशों के नेताओं ने कहा है कि बैंक को 100 अरब डॉलर की पूंजी से शुरू किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का विकल्प होगा यह बैंक
इस बैंक को विश्व बैंक और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष या आईएमएफ के विकल्प के रूप में स्थापित किया जा रहा है।
ब्रिक्स सम्मेलन के आयोजक देश ब्राजील की राष्ट्रपति जील्मा रूसेफ ने कहा कि इस बैंक की स्थापना वैश्विक आर्थिक ढांचे को फिर से खडा करने की दिशा में अहम कदम होगा।
ब्रिक्स देश इस बैंक का इस्तेमाल ढांचागत परियोजनाओं को वित्तीय मदद देने के लिए करेंगे।
'ब्रिक्स देशों के लिए अनंत संभावनाएं'
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस सम्मेलन के जरिए अनंत संभावनाओं को खोजा जा सकता है।
उन्होंने दीर्घकालिक और सभी को साथ लेकर होने वाले विकास मॉडलों की वकालत की। ब्रिक्स सम्मेलन ब्राजील के शहर फोर्टेलेजा में हो रहा है। ब्रिक्स के सदस्य देशों में ब्राजील, भारत, चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं।
ब्रिक्स के सदस्य देश दक्षिण अमरीकी देशों के नेताओं के साथ बुधवार को ब्राजीलिया शहर में बैठक करेंगे।