तुर्की की संसद ने देश की सर्वोच्च न्यायिक संस्था में सुधार से जुड़े एक विवादास्पद बिल को मंज़ूरी दे दी है, हालांकि इस दौरान हुई धक्का मुक्की और हाथापाई में एक सांसद की नाक टूट गई।
सरकार चाहती है कि सुप्रीम बोर्ड ऑफ़ जजेज (एचएसवाईके) को न्याय मंत्रालय के तहत लाया जाए।
इस विधेयक पर लंबी बहस चली और इस दौरान न सिर्फ़ गर्मागर्म बहस ही नहीं हुई बल्कि ख़ूब हंगामा भी हुआ और एक सांसद नाक में चोट लग गई।
पिछले महीने न्यायिक संस्था ने कहा था कि सरकार की योजना असंवैधानिक है और उससे एचएसवाईके की स्वतंत्रता प्रभावित होगी।
इससे पहले गुरुवार को भारत की संसद में तेलंगाना के मुद्दे एक सांसद ने मिर्च का स्प्रे छिड़क दिया और सदन में हाथापाई भी देखने को मिली। इसके बाद कई सांसदों को अस्पताल ले जाना पड़ा था।
तकरार
तुर्की में ये बिल प्रधानमंत्री रचैप तैयब एर्दोआन की एकेपी पार्टी लेकर आई जिसे संसद में बहुमत प्राप्त है। लेकिन बहस के दौरान स्थिति हंगामेपूर्ण हो गई और विपक्ष पार्टी नेशनलिस्ट मूवमेंट पार्टी के सासंद घायल हो गए।
घायल होने वाले सांसद ओजकान येनीचेरी भी इस विधेयक के ख़िलाफ़ हैं। उनका कहना है कि इसका मकसद भ्रष्टाचार के मामलों में चल रही जांच को प्रभावित करना है और इसे सत्ताधारी पार्टी की जरूरतों को पूरा करने के लिए लाया गया है। प्रधानमंत्री एर्दोआन के कई सदस्यों को हाल में भ्रष्टाचार के मामलों में गिरफ़्तार किया गया है।
तुर्की में न्यायिक सुधारों पर काफी समय से बहस होती रही है। यूरोपीय संघ पर तुर्की का दबाव है कि वो उसके मुताबकि अपने न्यायिक मानकों को बनाए।
तुर्की यूरोपीय संघ में शामिल होना चाहता है लेकिन इस बारे में प्रगति काफ़ी धीमी है।