पेशे से व्यापारी 38 वर्षीय आंद्रे लुइस लोबो ने कहा, ‘‘ये सभी लोग भ्रष्टाचार और अपराध से आक्रोशित और नाराज हैं और हम बोलसोनारो के साथ हैं। लोगों ने बोल दिया है। पहली बार मुझे लगता है कि मेरा प्रतिनिधित्व हुआ है।’’ दूसरी तरफ हद्दाद समर्थकों में निराशा थी।
साओ पाउलो के पूर्व मेयर हद्दाद ने कहा कि वह उन साढ़े चार करोड़ लोगों की स्वतंत्रता की रक्षा के लिये लड़ेंगे जिन्होंने उनके लिये मतदान किया। बोलसोनारो ने प्रचार के दौरान ब्राजील के वामपंथियों का ‘सफाया’ करने की बात कही थी। सहयोगियों ने बताया कि 55 वर्षीय हद्दाद ने बोलसोनारो को बधाई देने के लिये फोन नहीं किया है।
साओ पाउलो में हद्दाद की वर्कर्स पार्टी के मुख्यालय पर निराश समर्थक ने बोलसोनारो को ‘फासिस्ट’ बताया। अपने आंसू पोछते हुए 31 वर्षीय फ्लेविया कास्टेलहानोस ने कहा, ‘‘मुझे आश्चर्य है कि ब्राजील के लोगों ने घृणा के पक्ष में मतदान किया।’’ राजनैतिक विश्लेषकों और कार्यकर्ताओं ने मायूसी के साथ प्रतिक्रिया दी।
सेंटर फॉर इकॉनोमिक एंड पॉलिसी रिसर्च के मार्क वीसब्रॉट ने कहा, ‘‘यह ब्राजील के लिये अंधकारमय दिन है। ब्राजील का लोकतंत्र अब पूरी तरह संकट में है।’’ ह्यूमन राइट्स वॉच ने ब्राजील के न्यायाधीशों, पत्रकारों और नागरिक समाज से सतर्क रहने को कहा है। संगठन के अमेरिकाज निदेशक जोस मिगुएल विवांको ने कहा, ‘‘लोकतांत्रिक अधिकारों और संस्थाओं को कमजोर करने के किसी भी प्रयास के खिलाफ खड़ा होने में हम उनके साथ होंगे।’’
ब्राजील में चुनाव ऐसे समय में हुआ जब देश सबसे खराब आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। वहां अरबों डॉलर के भ्रष्टाचार के मामले सामने आए हैं और हिंसक अपराध की काफी घटनाएं हुई हैं। हद्दाद लोकप्रिय लेकिन जेल में बंद पूर्व राष्ट्रपति लूला डि सिल्वा के प्रतिनिधि के रूप में चुनाव में खड़े थे।
निवर्तमान मध्यमार्गी दक्षिणपंथी राष्ट्रपति माइकल टेमर ने बोलसोनारो को बधाई दी और कहा कि सोमवार को सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू होगी। टेमर ब्राजील के आधुनिक लोकतंत्र में सर्वाधिक अलोकप्रिय नेता साबित हुए हैं।