स्विटजरलैंड में रहकर बलूचिस्तान की आजादी की आवाज बुलंद करने वाले निर्वासित नेता ब्राहमदाग बुगती को भारतीय नागिरकता मिल सकती है। हाल ही में आई रिपोर्ट्स के मुताबिक संभावना जताई जा रही है कि बुगती को भारत में शरण दी जा सकती है। भारतीय अधिकारियों और बलूच नेता के बीच भारतीय पास्पोर्ट के लिए बातचीत जारी है।
इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि बुगती स्विटजरलैंड की राजधानी जिनेवाा में भारतीय दूतावास में शरण लेंगे। गैरकानूनी घोषित बलोच रिपब्लिकन पार्टी (बीआरपी) से जिनेवा में शरण देने की प्रक्रिया पर बातचीत करने के लिए एक मीटिंग भी रखी गई है।
बीआरपी के सूत्रों ने पुष्टि की है कि भारत बुगती और उनके करीबी सहयोगियों को शरण देने के लिए सहमत है। बीआरपी के प्रतिनिधियों ने कहा बिल्कुल वैसे ही जिस तरह भारत ने दलाई लामा की मदद की है जो चीन के खिलाफ अभियान चलाने के लिए पूरी दुनिया में भारतीय पासपोर्ट का इस्तेमाल करते हैं। इसी तरह बलूच नेता भी पूरी दुनिया में आजादी से घूम सकते हैं और बलूचिस्तान में हो रहे अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं।