सजा सुनाने के बाद बांग्लादेश में उनके समर्थकों और सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं के बीच दंगे जैसे हालात बन गए थे। मई में उन्हें इस मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन भ्रष्टाचार के कई अन्य मामलों में ट्रायल चलने के कारण उन्हें जेल में ही रहना पड़ा था।
जिया ने 9 सितंबर को बांग्लादेश हाईकोर्ट से अपने हाथ और पैरों में लकवे जैसी हालत की शिकायत करते हुए निजी अस्पताल में इलाज कराने की इजाजत मांगी थी। लेकिन सरकार ने उनके इलाज के लिए बीएसएमएमयू में पर्याप्त सुविधा होने की बात कही थी। इसके बाद बृहस्पतिवार को बांग्लादेश हाईकोर्ट ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने का आदेश दिया था।
सरकारी स्वामित्व वाली बीएसएमएमयू के प्रवक्ता ने बताया कि जिया को वीआईपी केबिन में रखा गया है, जहां उन्हें कोर्ट के आदेशानुसार यूनिवर्सिटी के बाहर से अपने इलाज के लिए एक फिजियोथेरेपिस्ट, एक स्त्री रोग विशेषज्ञ, एक मेडिकल तकनीशियन और एक फिजिशियन बुलाने की अनुमति है।