आज भले ही ड्रोन का इस्तेमाल निगरानी करने से लेकर सामान पहुंचाने तक किया जा रहा है, लेकिन वो दिन दूर नहीं जब ड्रोन दौड़ के खेल में भी शामिल होगा। कुछ विदेशी कंपनियां फुटबॉल और क्रिकेट की तरह ही ड्रोन रेसिंग को एक बड़े खेल के तौर पर स्थापित करने की तैयारी कर रहे हैं। हाल ही में एक ड्रोन रेस का आयोजन भी किया गया। हालांकि इसमें पत्रकारों व कुछ लोगों को छोड़कर आम लोग शामिल नहीं हुए थे।
ईएसपीएन ड्रोन रेसिंग को एक बड़े टीवी स्पोर्ट्स के तौर पर तैयार करना चाहता है। हाल ही में लंदन के विंबले में ड्रोन रेसिंग का आयोजन किया गया। विशेष तौर पर पत्रकारों और कुछ खास लोगों की खातिर मोबाइल नेटवर्क कंपनी ईई और चिप मेकर कंपनी क्वालकॉम ने इसका आयोजन किया।
विंबले में हुई दौड़ में ड्रोन रेसिंग काफी रोमांचक थी। हालांकि अभी इसे बड़े स्पोर्ट्स के तौर पर तैयार करने के लिए कई चीजों से उभरना जरूरी है। इसकी सबसे पहली जरूरत है कि इंटरनेट की स्पीड अच्छी हो। विंबले में 4जी स्पीड के सहारे ड्रोनों को नियंत्रित किया गया, लेकिन इसे बड़े स्तर पर पेश करने के लिए 5जी की स्पीड का इंतजार करना पड़ सकता है।
हालांकि विंबले रेस का आयोजन करने वालों को विश्वास है कि वे इसका हल निकाल लेंगे। वहीं, इन छोटे से ड्रोनों को पूरी रेस के दौरान आंखों को दिख सकने वाला बनाने के लिए और अन्य इंतजामों का जुगाड़ करने में समय लग सकता है। ड्रोन रेस टीवी पर जब आए, तब आए, लेकिन इसकी शुरुआत तो हो चुकी है।