नेपाल के पीएम पुष्पकमल दहल प्रचंड ने कहा है की संविधान संशोधन के बाद चुनाव की तिथि की घोषणा की जाएगी। माओवादी मुख्यालय की बैठक में प्रचंड ने कहा कि संविधान संशोधन प्रस्ताव मधेशी मोर्चा की सहमती से पेश हुआ है। अब इसे वापस नहीं लिया जाएगा।
उन्होंने कहा है कि इस प्रस्ताव में अब कोई फेरबदल भी नहीं होगा। उधर, विपक्षी नेपाल कम्युनिस्ट पार्र्टी (एमाले) सहित पांच दल ने रविवार को भी संसद की बैठक को बाधित किया। वे संविधान संशोधन प्रस्ताव वापस लेने की मांग कर रहे हैं। बैठक में आरंभ में नेपाल मजदूर किसान पार्टी की सांसद अनुराधा थापा ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक राष्ट्र विरोधी है और इसे विदेश के इशारे पर लाया गया है।
राष्ट्रपति भवन में सर्वदलीय बैठक
पिछले राजनीतिक घटनाक्रम पर बातचीत करने के लिए राष्ट्रपति विद्यादेवी भडारी ने रविवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में काग्रेस, एमाले और माओवादी केंद्र सहित अन्य दल के नेता मौजूद थे। संविधान संशोधन प्रस्ताव पेश होने के बाद राजनीतिक दलों में हुए मतभेद को दूर करने के लिए बैठक बुलाई गई थी।