इक्वाडोर में राष्ट्रपति चुनाव के आंशिक परिणाम के बाद निर्णायक दौर में पहुंचने की संभावना है। वामपंथी उम्मीदवार लेनिन मोरेनो पहले चरण के मतदान में अभी स्पष्ट जीत से पीछे चल रहे हैं।
इक्वाडोर के नेशनल इलेक्ट्रॉल कौंसिल के अध्यक्ष जुआन पाब्लो पोजो ने टेलीविजन पर घोषणा में रविवार को बताया कि अब तक 51.8 फीसदी मतों की गिनती हो चुकी है। इसमें मोरेनो को 38.26 फीसदी मत मिले हैं जबकि उनके सबसे नजदीकी उम्मीदवार गुइलेर्मो लासो को 29.86 प्रतिशत मत प्राप्त हुए हैं।
मोरेनो को निर्णायक दौर से पहले ही जीत के लिए 40 प्रतिशत से अधिक वोट तथा प्रतिद्वंदी से 10 अंकों की बढ़त हासिल करनी होगी। यदि अंत में लासो की जीत हो जाती है तो लैटिन अमेरिका में वामपंथ का एक मजबूत स्तंभ ध्वस्त हो जाएगा।
इक्वाडोर के वर्तमान राष्ट्रपति राफेल कोरेया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शरणार्थियों तथा व्यापार पर सख्त रुख के खिलाफ लैटिन अमेरिका में मजबूत वामपंथ की वकालत की है। उधर लासो ने ट्रंप की जीत के बाद अमेरिका के साथ मिल कर काम करने के इरादे व्यक्त किए थे। लासो ने इक्वाडोर के लंदन दूतावास में शरण पाए विकिलीक्स संस्थापक जुलियन असांजे को मिली छूट भी खत्म करने की बात कही थी।