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इराक हमले के लिए शर्मिंदा हैं ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ब्लेयर, मांगी माफी

Mon, 26 Oct 2015 08:37 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने इराक पर हमले के लिए पहली बार सार्वजनिक तौर पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि हमले के कारण ही आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट को इराक में पनपने का अवसर मिला।
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सीएनएन के साथ एक टीवी साक्षात्कार में ब्लेयर ने कहा कि वह वर्ष 2003 में सद्दाम शासन के खिलाफ किए गए हमले के लिए शर्मिंदा हैं। उन्होंने कहा कि हमले का फैसला गलत था। इस अभियान की योजना में कई खामियां रहीं।

ब्लेयर से पूछा गया था कि इराक में व्यापक विनाश के हथियार नहीं मिलने पर वह कैसा महसूस करते हैं। सीएनएन यूरोप पर ब्लेयर का यह साक्षात्कार रविवार को प्रकाशित किया गया।
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यह सीएनएन की लंबी डाक्यूमेंट्री ‘लांगर रोड टू हेल: अमेरिका इन इराक’ का हिस्सा है। ब्लेयर का यह साक्षात्कार भारत में पैदा हुए अमेरिकी पत्रकार फरीद जकारिया ने लिया। 
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बयान पर उठ रहे सवाल

जकारिया ने पूछा, ‘सद्दाम हुसैन के पास से व्यापक नरसंहार के हथियार हासिल नहीं होने के बाद भी हमला करना क्या एक भूल थी?’
इस पर ब्लेयर ने कहा, ‘मैं इस बात के लिए माफी मांगता हूं। हमें जो खुफिया सूचनाएं मिलीं, वह पूरी तरह गलती थीं। मैं इस अभियान में योजना में की गई गलतियों के लिए भी माफी मांगता हूं। हमसे यह समझने में भूल हुई कि सद्दाम के शासन को उखाड़ फेंकने के परिणाम भी दुखद होंगे।’

गौरतलब है कि इस युद्ध को लेकर ब्लेयर के खिलाफ भारी प्रदर्शन भी हुए थे। अमेरिकी हमले में सद्दाम का शासन तो पूरी तरह से उखड़ गया, लेकिन उसके बाद से जारी हिंसा में अब तक करीब पांच लाख लोग मारे जा चुके हैं।

वहीं ब्लेयर के इस बयान पर सवाल भी उठ रहें हैं कि उन्होंने यह बयान देने के लिए आखिर किसी ब्रिटिश ब्राडकास्टर या अखबार की जगह अमेरिकी ब्राडकास्टर क्यों चुना।

आलोचक इस इंटरव्यू की टाइमिंग को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। दरअसल इस युद्ध को लेकर गठित चिलकोट आयोग की जांच भी आगामी हफ्तों में प्रकाशित होने वाली है।
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