न्यूजीलैंड में एक धर्मार्थ संस्था कुत्तों को कार चलाना सिखा रही है। इस ड्राइविंग स्कूल में छुड़ाए गए या बचाए गए कुत्तों को गाड़ी चलाने का प्रशिक्षण दिया जाता है और इसका मकसद ये साबित करना है कि कुत्ते भी अकलमंद होते हैं।
मॉन्टी, जायंट श्नोज़र प्रजाति का कुत्ता है और उसने अब तक ब्रेक लगाना, गियर बदलना और स्टीयरिंग व्हील घुमाना सीख लिया है। छह महीने पहले मॉन्टी के मालिकों ने ये कह कर उसे छोड़ दिया था कि उसे नियंत्रित करना बहुत मुश्किल है। लेकिन प्रशिक्षण के बाद मॉन्टी अब गाड़ी चला रहा है।
प्रशिक्षण की शुरुआत में कुत्तों को सरल संकेत सिखाए जाते हैं। उन्हें बटन दबाने जैसी बातों का लगातार, बार-बार अभ्यास कराया जाता है जिससे उन्हें गियर बदलना आ जाए। इसके बाद बारी आती है स्टीयरिंग व्हील की। गाड़ी चलाने से जुड़े हर कदम का सिलसिलेवार उन्हें बार-बार अभ्यास कराया जाता है। सात हफ़्ते में कुत्ते प्रशिक्षित हो जाते हैं।
ऑकलैंड में स्थित ये चैरिटी इन कुत्तों को इसलिए प्रशिक्षित कर रही है ताकि लोगों को पता लगे कि कुत्ते भी अकलमंद होते हैं और लोग छुड़ाए गए कुत्तों को पालने के लिए आगे आएं। जल्द ही तीन प्रशिक्षित कुत्तों का राष्ट्रीय टेलीविज़न पर ड्राइविंग टेस्ट होगा।