दूसरी ओर सीरिया को लेकर जी-7 देशों की आलोचना पर रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने कहा कि मेरा मानना है कि रचनात्मक गपशप बंद करने और असल सहयोग से जुड़े ठोस मुद्दों की ओर बढ़ने की जरूरत है। साथ ही ब्रिटिश एजेंट और उसकी बेटी को जहर देने में रूस का हाथ होने के आरोप पर उन्होंने कहा कि जी-7 देश यह सबूत देने में नाकाम रहे हैं कि इसमें हमारा हाथ है।
गरतलब है कि जी-7 ने रूस से सीरिया में लोकतंत्र की बहाली में मदद करने और वहां जारी युद्ध का समर्थन बंद करने को कहा था। साथ ही ब्रिटिश एजेंट की मौत को लेकर भी रूस का हाथ होने की पुष्टि की थी। इसके अलावा रूस को फिर से जी-7 में शामिल करने पर भी आम राय नहीं बन सकी।
क्रोध से अंतरराष्ट्रीय सहयोग को निर्देशित नहीं किया जा सकता
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जी-7 के साझा बयान को खारिज किए जाने पर फ्रांस ने आगाह करते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग को क्रोध और टिप्पणियों से नहीं चलाया जा सकता है। साझा बयान पर प्रतिबद्धता के बाद पुनर्विचार की बात बेतरतीबी और असंगति दिखाता है।
जी-7 में ये देश हैं शामिल
अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान और कनाडा। पहले यह जी-8 के नाम से जाना जाता था लेकिन रूस को निलंबित करने के बाद अब 7 देश ही इसके सदस्य हैं।