अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा कि वह उन खुफिया एजेंसियों के साथ हैं, जिन्होंने यह निष्कर्ष निकाला है कि रूस ने 2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में दखल दिया है। उनके इस बयान के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों में कथित रूसी दखल के मामले में नया मोड़ आ गया है।
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हालांकि इस बयान के बावजूद ट्रंप ने फिर दोहराया कि उन्हें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर पूरा भरोसा है। इस बीच उन्होंने रूसी नेता के साथ अपने रिश्तों की आलोचना करने वाले तमाम लोगों को भी लताड़ लगाई।ट्रंप ने कहा कि पुतिन का सचमुच में मानना है कि ना तो उन्होंने और ना ही क्रेमलिन ने राष्ट्रपति चुनाव में हस्तक्षेप किया था।
वियतनाम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा, ‘मेरा यह मानना है कि हमें काम करना है। हमें सीरिया संकट, उत्तर कोरिया की समस्या, यूक्रेन और आतंकवाद जैसे बड़े मसलों को सुलझाना है।’ ट्रंप ने यह बयान ऐसे वक्त दिया है जब ट्रंप के पूर्व सहयोगियों से अमेरिकी एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं।
क्रेमलिन से उनके करीबी रिश्तों की जांच की जा रही है। रविवार को ट्रंप ने हनोई में वियतनाम के राष्ट्रपति से भी मुलाकात की। मुलाकात के बाद ट्रंप ने कहा, ‘मैं भरोसा करूं या नहीं, पर मैं अपनी एजेंसियों के साथ हूं।’
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गौरतलब है कि एयर फोर्स वन में ट्रंप ने कहा था कि उन्हें पुतिन की बातों पर यकीन है। वहीं पुतिन ने कहा था कि रूस ने कभी भी अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं की। हैरानी की बात यह है कि अब ट्रंप इस मामले में अमेरिकी एजेंसियों के रुख का समर्थन किया है। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने यह संदेश दिया है कि उनको पुतिन पर भरोसा है।